छह साल बाद जागा नोएडा प्राधिकरण, 4.8 किमी एलिवेटेड रोड पर 18 करोड़ की लागत से लगेगा साउंड बैरियर
नोएडा में मास्टर प्लान सड़क नंबर दो पर 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए ...और पढ़ें

नोएडा के एमपी दो मार्ग पर बने एलिवेटेड रोड से जाते वाहन। जागरण आर्काइव
HighLights
एलिवेटेड रोड पर 18 करोड़ से लगेंगे ध्वनि अवरोधक।
छह साल की देरी के बाद परियोजना को मिली गति।
ध्वनि प्रदूषण कम कर लोगों को मिलेगी राहत।
कुंदन तिवारी, नोएडा। मास्टर प्लान सड़क नंबर दो पर सेक्टर-28 (विश्व भारती स्कूल) से सेक्टर-61-66 चौराहे तक 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर वाहनों के शोर और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए दोनों तरफ (9.6 किलोमीटर) ध्वनि अवरोधक (साउंड बैरियर) लगाने की सैद्धांतिक मंजूरी वर्ष 2021 में तत्कालीन सीईओ रितु माहेश्वरी ने दी थी।
सेंंट्रल रोड रिसर्च इंस्ट्टीयूट (सीआरआरआइ) व काउंसिल आफ सांटिफिक एंड इंडस्ट्रियल आफ रिसर्च (सीएसआइआर) से पारदर्शी कम ऊंचाई वाले माड्यूलर नाइज बैरियर का डिजाइन मंगवाकर भी दिया था, लेकिन बावजूद करीब छह वर्ष से यह परियोजना वर्क सर्किल दो की ओर से धरातल पर नहीं उतारी जा सकी।
जबकि इस रोड के दोनों ओर दो स्कूल, दो अस्पताल सेक्टर-28, 26, 27, 23, 24, 51, 33, सेक्टर-61 की तमाम ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, निठारी गांव, शांत एरिया शामिल है। दिन और रात दोनों समय एलिवेटेड रोड पर वाहनों का दबाव रहता है।
जल्द काम पूरा करने का दावा
वाहनों की आवाज से आसपास से लोग परेशान रहते है, प्राधिकरण में शिकायत करते है। अब प्राधिकरण की ओर से एक बार फिर से दावा किया जा रहा है कि साउंड बैरियर (ध्वनि अवरोधक) लगाने का टेंडर जारी कर दिया गया है। जल्द ही छह में ध्वनि अवरोधक (साउंड बैरियर) का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस पर प्राधिकरण की ओर से 18 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है।
विशेषज्ञ का कहना है कि मनुष्य की श्रवण क्षमता 80 डेसिबल होती है। इससे ज्यादा मनुष्य बर्दाश्त नहीं कर सकता है। 0 से 25 डेसिबल पर तक की आवाज शांत वातावरण को दर्शाता है। यदि आवाज की तीव्रता 80 डेसिबल से अधिक होती है तो मनुष्य बीमार पड़ने लगता है।
जब आवाज की तीव्रता 130-140 डेसिबल होती है तो व्यक्ति को बेचैनी होने लगती है। लगातार इतनी तेज आवाज सुनने पर व्यक्ति बहरा भी हो सकता है। ऐसे में ध्वनि अवरोधक (साउंड बैरियर) ध्वनि को समाप्त नहीं करते, बल्कि प्रभाव को कम कर उसकी क्षमता को कम कर देते है।
यह 50 डेसिबल तक कम करने की क्षमता रखता है। ऐसे में घरों तक पहुंचने वाला ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव काफी कम हो जाता है। ऐसे में एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ ध्वनि अवरोधक (साउंड बैरियर) लगाया जाना उचित रहेगा। जो वाहनों के गुजरने से उत्पन्न होने वाले ध्वनि को डायवर्ट कर देगा।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के मानक
| क्षेत्र का प्रकार | दिन का मानक | रात का मानक |
|---|---|---|
| औद्योगिक | 75 डीबी | 70 डीबी |
| वाणिज्यिक | 65 डीबी | 55 डीबी |
| आवासीय | 55 डीबी | 45 डीबी |
| शांत | 50 डीबी | 40 डीबी |
सेक्टर-28 स्थित विश्व भारती स्कूल से लेकर सेक्टर-61 चौराहे तक बनाए गए 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर 18 करोड़ खर्च कर ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए ध्वनि अवरोधक (साउंड बैरियर) लगाया जाएगा।
– एसपी सिंह, महाप्रबंधक (सिविल), नोएडा प्राधिकरण।
