रामपुर: दिव्यांग पिता की बेबसी देख पिघला DM का दिल, मासूम की सर्जरी के लिए तुरंत मंजूर किए ₹45 हजार
रामपुर के डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने एक दिव्यांग पिता की पांच वर्षीय बेटी वैशाली की जन्मजात चिपकी उंगलियों की सर्जरी के लिए चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन ...और पढ़ें

रामपुर में संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद अधिकारी इंटरनेट मीडिया
HighLights
चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से सीधे अस्पताल को भेजा गया चेक
जागरण संवाददाता, रामपुर। लाचार, दिव्यांग और सड़क हादसे का शिकार ई-रिक्शा चालक अपनी पांच वर्षीय बेटी के इलाज की आस लेकर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के पास पहुंचा था। बच्ची वैशाली की उंगलियां जन्मजात रूप से आपस में चिपकी हुई थीं, जिससे उसके हाथ खराब होने का खतरा मंडरा रहा था। डीएम ने गोपनीय जांच कराई और सत्यता पुष्ट होने पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से 45,000 रुपये की आर्थिक सहायता को अंतिम मंजूरी दे दी।
इलाज में कोई बाधा नहीं आए, इसलिए चेक सीधे शाहबाद गेट स्थित डॉ. आरिफ सिद्दीकी के अस्पताल केयर सेंटर को भेज दिया गया, जहां आगामी मंगलवार को मासूम की प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी। पीड़ित पिता वीर सिंह पहले अपनी गुहार लेकर डीएम के जनता दर्शन में पहुंचे थे।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना समय गंवाए जिला कार्यक्रम अधिकारी के समन्वय से चाइल्ड लाइन की टीम को वीर सिंह के घर भेजा। टीम ने परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का गहन और गोपनीय सर्वे किया।
जब रिपोर्ट में यह शत-प्रतिशत सच साबित हुआ कि परिवार अत्यंत अभाव में है और योजना का वास्तविक हकदार है, तो मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने बिना किसी कागजी लालफीताशाही के पीड़ित पिता को चेक सौंप दिया।
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तहसील टांडा के ग्राम फेजनगंज पोस्ट लालपुर कला के रहने वाले वीर सिंह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके घर में दो बेटियों में से पांच वर्षीय वैशाली के हाथों की उंगलियां जन्म से ही जुड़ी हुई हैं।
वीर सिंह स्वयं एक सड़क हादसे का शिकार होने से उनके पैर में गंभीर चोट और सूजन है। इससे वह स्वयं में भी असमर्थ हैं। उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी बच्ची का इलाज करा सके। परेशान वीर सिंह जब अपनी बच्ची के भविष्य की खातिर लड़खड़ाते कदमों से डीएम के सामने पहुंचे, तो उनकी व्यथा छुप न सकी।
मंगलवार को मिलेगी मासूम को नई जिंदगी
बालिका वैशाली की स्थिति दिनों-दिन बिगड़ती जा रही थी। उसके एक हाथ की उंगलियां टेढ़ी पड़ने लगी थीं। समय पर सर्जरी न होने पर उसका हाथ हमेशा के लिए खराब हो सकता था। शहर के शाहबाद गेट स्थित डाॅ. आरिफ सिद्दीकी के केयर सेंटर में जब बच्ची को दिखाया गया, तो उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी को अनिवार्य बताया जिसका खर्च 45,000 रुपये था।
अब डीएम की संवेदनशीलता के बाद बच्ची की सभी खून की जांचें पूरी हो चुकी हैं और आने वाले मंगलवार को सुबह छह बजे उसका आपरेशन किया जाएगा। नकद राशि देने के बजाय सीधे अस्पताल के नाम चेक जारी किया गया है ताकि इलाज तुरंत और बिना किसी रुकावट के शुरू हो सके।