संभल में जमीन के लिए किया था सगे भाई और मां की कत्ल, फिर हादसा दिखाने की रची कहानी, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
संभल में मां-बेटे की मौत सड़क हादसा नहीं, बल्कि जमीन हड़पने की सोची-समझी साजिश थी। पुलिस ने जेठ किशनपाल और ...और पढ़ें

जमीन के लिए भाई और मां का कत्ल करने वाले तीन लोग गिरफ्तार।
संवाद सहयोगी, बहजोई। संभल रोड पर जियो पेट्रोल पंप के सामने 11 सितंबर की सुबह ई-रिक्शा के नीचे दबे मिले मां-बेटे नेकसी और राकेश निवासी करीमपुर के शव सड़क हादसे का परिणाम नहीं थे, बल्कि जमीन हड़पने के षड्यंत्र में उनकी हत्या की गई थी। संपत्ति पर कब्जे की खातिर किशनपाल ने अपने दो बेटों अमित उर्फ मिंटू और संजीव के साथ मिलकर सगे छोटे भाई और मां को मौत के घाट उतार दिया था।
शुरुआत में पुलिस भी इसे हादसा मान रही थी, लेकिन कई अनसुलझे सवालों के साथ दैनिक जागरण ने लगातार खबरें प्रकाशित कर हत्या की आशंका की ओर इशारा किया था। खबरों के असर से अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत स्तर से जांच कराई गई, जिसमें आरोपितों की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने किशनपाल और उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तकिया और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि राकेश और किशनपाल के नाम 30 बीघा जमीन थी। राकेश के नाबालिग रहते किशनपाल 13 बीघा जमीन बेच चुका था। शेष आठ बीघा पर भी वह बेटों के साथ कब्जा करना चाहता था। राकेश अलीगढ़ में विमला से शादी कर एक बेटी के साथ रहता था और जमीन बेचकर वहीं बसना चाहता था। मां नेकसी भी उसका समर्थन कर रही थीं।
राकेश ने रामभरोसे को एक बीघा जमीन छह लाख रुपये में बेचने का सौदा तय कर दो लाख रुपये बयाना लिया था, लेकिन किशनपाल ने रिश्तेदारों के माध्यम से दबाव बनाकर बयाना वापस करा दिया। इसी षड्यंत्र में 10 सितंबर की रात तीनों ने तकिये से मुंह दबाकर राकेश और नेकसी की हत्या कर दी।
इसके बाद अमित और संजीव शवों को ई-रिक्शा में रखकर संभल रोड पर जियो पेट्रोल पंप के पास लाए। पीछे से किशनपाल मोटरसाइकिल से पहुंचा। तीनों ने शव सड़क पर डालकर ई-रिक्शा पलट दिया, जिससे हादसा प्रतीत हो। पत्नी विमला को सूचना दिए बिना दोनों शवों का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। रविवार तड़के 3:30 बजे पुलिस ने परतापुर के यात्री शेड के पास तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
जागरण के इन सवालों से सच आया सामने
पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन दैनिक जागरण ने ई-रिक्शा के रात में घर से निकलने, पर्दे लगे होने, राकेश के मां के साथ सुबह जाने और वाहन क्षतिग्रस्त नहीं होने जैसे सवाल उठाए थे। पत्नी, बहन और भांजे ने भी हत्या के आरोप लगाए थे। दोनों मृतकों के मोबाइल भी बरामद नहीं हुए हैं।
पुलिस की थ्योरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विरोधाभास
पुलिस ने तकिये से मुंह दबाकर हत्या किए जाने का दावा किया है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियां और हड्डियां टूटने और रक्तस्राव से मृत्यु होने का उल्लेख है। ऐसे में दम घुटने और चोटों से मौत के कारणों में विरोधाभास सामने आ रहा है। दोनों तथ्यों में कौन सही है, यह जांच का विषय है।
अपने ही बुने जाल में मोबाइल लोकेशन से फंसे आरोपित
किशनपाल ने घर में हत्या कर करीब पांच किमी दूर शव फेंके थे। रात में कई लोगों से बातचीत और मोबाइल लोकेशन से वह जांच के दायरे में आया। घर से बेटों सहित फरार होना, हादसे की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराना और तीनों के बयानों में समान कहानी सामने आना भी संदेह का आधार बना।
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