साइबर अपराधियों का नया जाल, डाउनलोड की बैंक अकाउंट की फाइल; खाते से हो गए 13 लाख रुपये पार
साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका निकाला है, जिसमें वे बैंक अकाउंट की फाइल डाउनलोड करवाकर खाते से पैसे उड़ा रहे हैं। एक व्यक्ति के खाते से 13 लाख रुपये निकाले गए। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी जानकारी सुरक्षित रखें।

साइबर ठगों ने आठ लाख रुपये नकद निकाल लिया. Concept
जागरण संवाददाता, उन्नाव। साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए हर तरह के पैतरे आजमा रहे हैं। साइबर टीम द्वारा लगातार जागरूकता के बाद भी लोग गलती कर अपनी कमाई साइबर अपराधियों को दे बैठते हैं। सदर क्षेत्र के हिरन नगर निवासी मदन मोहन की एक छोटी सी गलती से उनके खाते से साइबर अपराधियों ने 13 लाख रुपये पार कर दिए। साइबर टीम ने समय रहते कार्रवाई कर बैंक की मदद से खातों को फ्रीज करा पांच लाख की रकम होल्ड करा दी। शुक्रवार को यह रकम पीड़ित को वापस दिलाई गई।
हिरन नगर मुहल्ला निवासी मदन मोहन का खाता यूनियन बैंक आफ इंडिया में है। 25 नवंबर 2025 की दोपहर उनके वाट्सएप पर इसी बैंक से संबंधित एपीके फाइल भेजी गई। मदन मोहन ने बिना सोचे समझे फाइल खोली ही नहीं उसे डाउन लोड भी कर लिया। इसके बाद साइबर ठगों ने जाल में फंसा कर उन्हें एक ओटीपी भेजी और नंबर की जानकारी भी कर ली। दो से तीन घंटे बाद उनके खाते से 13 लाख रुपये कट गए।
मोबाइल पर रुपये कटने का संदेश मिलने पर मदनमोहन परेशान हो गए। बिना समय गवाएं साइबर थाना पहुंचे। साइबर थाना की टीम ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा जिन खातों में नकदी भेजी गई थी उन्हें फ्रीज करा रकम होल्ड करा दी। बैंक से पता चला कि साइबर ठगों ने आठ लाख रुपये नकद निकाल लिया, जबकि पांच लाख खातों में शेष बचा था।
साइबर थाना प्रभारी राजेश पाठक ने बताया कि शुक्रवार को मदनमोहन के खाते में होल्ड कराए गए पांच लाख रुपये लौटाए गए हैं। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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