4200 करोड़ की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत हो रही बेअसर, सामने आईं डिजाइन की खामियां
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 4200 करोड़ की लागत से बनी सड़क मरम्मत के बाद भी बार-बार खराब हो रही है। निर्माण ...और पढ़ें

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हुई मरम्मत। जागरण
HighLights
4200 करोड़ के एक्सप्रेसवे पर मरम्मत के बाद भी सड़क खराब।
पीएनसी इंफ्राटेक के कार्य मानकों पर उठ रहे गंभीर सवाल।
उन्नाव क्षेत्र में कई जगहों पर पैचिंग उखड़ी, सड़क धंसी।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ग्रीन फील्ड क्षेत्र में मार्ग की जहां मरम्मत भी की गई वहां मरम्मत के बाद भी दोबारा उसी स्थान पर 4200 करोड़ की सड़क का कचूमर निकल गया। बार-बार मरम्मत वाले स्थान पर भी ध्वस्त हो रही सड़क के बाद निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक के कार्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है।
मार्ग पर उन्नाव से लखनऊ लेन पर ही कोरारी के पास किमी 64 पर एजेंसी ने पहले जहां 20 मीटर का पैच सही करने के लिए 100 मीटर का पैबंद मरम्मत करके लगाया था। वहीं फिर चार दिन के बाद 200 मीटर के दायरे में सड़क का कचूमर निकल गया। जिसके बाद एजेंसी ने यहां कार्य करवाने के लिए लखनऊ से उन्नाव लेन पर पांच किमी का रूट डायवर्जन लेकर मरम्मत कार्य किया।
अब फिर उसी स्थान पर सड़क का डामर फूलने, गड्ढे होने की समस्या बन रही है। इसी प्रकार लखनऊ से उन्नाव लेन पर गांव इजरायल खेडा के निकट किमी 63.3 पर एजेंसी ने दो बार 100 मीटर मार्ग धंसने के बाद मरम्मत की। बावजूद इसी स्थान पर पैच वर्क उखड़कर सड़क से ऊपर उठ गया और दो दिन के अंदर ही डामर फटकर मलबे में तब्दील होकर एक ही स्थान पर इकट्ठा होने लगा।
एक्सप्रेसवे पर उन्नाव से लखनऊ लेन में जहां ऐसे एक दर्जन उदाहरण हैं। वहीं लखनऊ से उन्नाव लेन पर तीन उदाहरण हैं। जहां कि पहले नया बना मार्ग ध्वस्त होता है। उसके बाद एजेंसी छोटी कमी बताकर मरम्मत शुरू करती है और फिर यही मरम्मत निर्माण एजेंसी के कार्य मानकों की पोल खोल देती है। पीएनसी इंफ्राटेक के मैनेजर सत्य नारायण ने बताया कि बरसात की वजह से यह दिक्कत आ रही है। हालांकि अन्य तमाम स्थानों पर मरम्मत के बाद यह स्थिति नहीं बनी है।
एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को यह रही स्थिति
गुरुवार को एक्सप्रेसवे के कानपुर से लखनऊ से लेन पर जहां गांव रावल के पास किमी 65.5 पर पूर्व में बनाई गई सड़क की पैचिंग उखड़ती पाई गई है। गांव नेवरना निकट 56.3 पर सड़क का निर्माण तो हुआ पर सही प्रकार से सड़क के समतल न होने पर पूरी सड़क पर लहर है। वहीं गांव सिकंदपुर के पास किमी 68.3 पर डिवाईडर बीच में टूटा है।
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गांव दतौली के निकट किमी 50.3 पर सड़क बनने का बाद थर्मोप्लास्टिक पेंट किया जा रहा है। वहीं लखनऊ से कानपुर लेन पर गांव गांव कटेसर के पास 28.4, किमी पर सड़क किनारे पटरी धंसने के बाद भरी जा रही है।
गांव कांथा के पास किमी 31.5 पर 80 मीटर तक सड़क पटरी धंस गयी है। जिसके बाद संबंधित स्थान पर मिट्टी की भराई की जा रही है। गांव तौरा के निकट किमी 34.4 पर धंसने के बाद बुलडोजर से साइड की पटरी सही की जा रही है। गांव बदरका गांव के निकट किमी 68.8 पर पैचवर्क किया जा रहा है।
