काशी विद्यापीठ का सख्त रुख: 33 कॉलेजों के 3419 छात्रों के प्रवेश पत्र पर संकट, तीन दिन का अल्टीमेटम
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने 33 संबद्ध महाविद्यालयों को परीक्षा शुल्क बकाया होने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। तीन दिनों में भुगतान न होने पर वाराण ...और पढ़ें

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ
HighLights
33 संबद्ध कॉलेजों पर 33.64 लाख रुपये परीक्षा शुल्क बकाया।
3419 छात्रों के दूसरे सेमेस्टर के प्रवेश पत्र पर संकट मंडराया।
तीन कार्यदिवस में भुगतान न होने पर छात्र परीक्षा से वंचित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने सत्र 2025-26 का परीक्षा शुल्क बकाया रखने वाले संबद्ध 33 महाविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वाराणसी और चंदौली के ऐसे 33 महाविद्यालयों को पत्र जारी करते हुए तीन कार्यदिवस के भीतर बकाया राशि जमा करने की चेतावनी दी है।
यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं हुआ, तो मई के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं में इन कालेजों के 3,419 छात्र परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं। मामले की जड़ में पिछले सेमेस्टर की फीस का न जमा होना है। दरअसल, यूजी, पीजी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के इन छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर की फीस जमा नहीं की थी। चूंकि यह प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी होनी थी। पोर्टल पर उस समय शुल्क जमा करने की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
इस तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मानवीय आधार पर छात्रों का साल खराब नहीं होने देने के लिए उन्हें प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी थी।
एडमिट कार्ड जारी हुए और बच्चों ने पेपर भी दे दिया, लेकिन कालेजों की तरफ से आरटीजीएस के जरिए इस परीक्षा शुल्क का भुगतान विश्वविद्यालय के खाते में अब तक नहीं किया गया। विवि प्रशासन के अनुसार, इन 33 कालेजों पर कुल 33.64 लाख रुपये की शुल्क राशि बकाया है। वर्तमान में दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं और बीएड व एमपीएड जैसे कई पाठ्यक्रमों के फार्म भरे भी जा चुके हैं, जबकि कुछ पाठ्यक्रमों की पेडशीट अभी जारी नहीं की गई है।
इसी बीच, मई के अंतिम सप्ताह से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर एक साल का यह बकाया सेमेस्टर शुल्क जमा नहीं किया गया, तो आगामी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) कतई निर्गत नहीं किए जाएंगे। यदि छात्र परीक्षा से वंचित होते हैं, तो इसकी पूर्ण और स्पष्ट जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय प्रबंधन की होगी। विवि प्रशासन इसमें कोई ढील नहीं देगा।
कहां कितने कालेज
24 बनारस
9 चंदौली
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