बनारस में जलयान मरम्मत की सुविधा का अधिकारियों ने लिया जायजा, जल्द लोकार्पण की जगी उम्मीद
IWAI चेयरमैन सुशील कुमार लोहानी ने वाराणसी में मल्टी मॉडल टर्मिनल का दौरा किया और जलयान मरम्मत केंद्र के जल्द ...और पढ़ें

बनारस में जलयान मरम्मत केंद्र का निरीक्षण, जल्द उद्घाटन की संभावना।
HighLights
IWAI चेयरमैन ने वाराणसी मल्टी मॉडल टर्मिनल का दौरा किया।
जलयान मरम्मत केंद्र का लोकार्पण जल्द होने की उम्मीद।
यह केंद्र व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के चेयरमैन और आइएएस अधिकारी सुशील कुमार लोहानी ने मल्टी माडल टर्मिनल वाराणसी का दौरा किया। माना जा रहा है कि जलयान मरम्मत केंद्र का भी लोकार्पण जल्द हो सकता है।
इस दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड और इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक की। इस सेंटर में एलएंडटी जियोस्ट्रक्चर की ओर से ग्राउंड इंजीनियरिंग कंपनी के तहत काम चल रहा है।
इस केंद्र के लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है, जो प्रधानमंत्री के किसी दौरे के दौरान हो सकता है। इसके निर्माण के बाद बनारस में गंगा नदी में स्थित बंदरगाह पर आने वाले जहाजों और बड़ी नौकाओं के साथ-साथ क्रूज और अन्य जल परिवहन के साधनों की मरम्मत में सुविधा होगी। इससे बनारस जलमार्ग के माध्यम से व्यापार और परिवहन के लिए समुद्री मार्ग से वैश्विक कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
हालांकि, इस परियोजना के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती रेत के टीलों की है, जिसे दूर करने के लिए ड्रेजर का लगातार उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस मरम्मत सुविधा के शुरू होने से न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जलमार्ग के विकास से न केवल बनारस बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। यह परियोजना न केवल जल परिवहन को सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।
इस अवसर पर सुशील कुमार लोहानी ने कहा कि जलमार्ग का विकास भारत सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए सभी प्रयास करें। बनारस में जलयान मरम्मत की सुविधा का विकास न केवल स्थानीय निवासियों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए एक नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।
