बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामला: CCTV फुटेज में दिखे नोटों के बंडल और सोना-चांदी ठिकाने लगाने के सबूत
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ है, जिसमें रोजाना दान को ठिकाने लगाते देखा गया। ...और पढ़ें

बदरीनाथ धाम।
HighLights
सीसीटीवी में रोजाना दान-चढ़ावे को ठिकाने लगाते देखा गया
एसआईटी 32 दिनों की गायब फुटेज रिकवर करने में जुटी
प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र चौहान की संलिप्तता सामने आई
देवेंद्र रावत, गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के सीसीटीवी टीवी रिकार्ड में कई बार नोटों के बंडल और सोने-चांदी के उपहार ठिकाने लगाने की पुष्टि हुई है। इससे बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
खास बात यह कि एसआइटी के पास 21 जून से ही फुटेज उपलब्ध है। इसमें 22, 25 व 29 जून के अलावा दो जुलाई की गणना का रिकार्ड है।
महज 13 दिन की इस फुटेज में हर दिन दान-चढ़ावे को ठिकाने लगाने के प्रमाण मिले हैं। इससे स्पष्ट है कि गायब हुई शेष 32 दिनों की फुटेज में महाघोटाला सामने आ सकता है, जिसकी रिकवरी में एसआइटी जुटी है।
एसआइटी ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की नई-पुरानी डीवीआर को कब्जे में लिया हुआ है। फिलहाल उसके पास 21 जून के बाद का ही रिकार्ड है, जिसकी जांच में वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल और मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान की दान-चढ़ावे को ठिकाने लगाने में संलिप्तता सामने आ चुकी है।
एसआइटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन बिष्ट ने बताया कि बीकेटीसी ने उसे 13 दिन की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई है, जबकि शेष 32 दिन की फुटेज गायब है।
मंदिर समिति का तर्क है कि तकनीकी कारणों से यह फुटेज गायब हुई। इसलिए एसआइटी 45 दिन की डीवीआर कब्जे में लेकर विशेषज्ञों की मदद से गायब फुटेज को रिवकर करने में जुटी हुई है। उम्मीद है कि फुटेज जल्द रिकवर कर ली जाएगी।
वहीं, चढ़ावे में हेराफेरी सामने आने के बाद अब तक के यात्राकाल की जांच की मांग उठने लगी है। धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले गए थे।
बताया गया कि चढ़ावा गिनती के दौरान मंदिर समिति का वैयक्तिक सहायक शुरू से ही हेराफेरी कर रहा था, लेकिन अधिकारी मौन साधे रहे।
बताया गया कि जो सीसीटीवी कैमरे पहले मंदिर में लगे थे, उनकी क्षमता चार टेराबाइट स्टोर की थी। अब नए कैमरों की क्षमता 32 टेरेबाइट स्टोर की है।
यह भी पढ़ें- बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामला: SIT की बड़ी कार्रवाई, पूर्व टेंपल ऑफिसर गिरफ्तार
यह भी पढ़ें- बदरीनाथ धाम: मंदिर समिति की फाइलों में ही उग रहे हैं चंदन के 2400 पेड़