देहरादून पुलिस पर उठ रहे थे सवाल, एडीजी की फटकार के बाद एक ही दिन में अपहरण के 09 मुकदमे दर्ज
देहरादून में महिला अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। एडीजी की फटकार के बाद पुलिस ने एक ही दिन में अपहरण के 9 मुकदमे दर्ज किए, जिनमें से 7 मामले महिलाओं से जुड़े हैं। कई महिलाएं लापता हैं, और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

दून में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं महिला अपराध के मामले। प्रतीकात्मक
जागरण संवाददाता, देहरादून। दून में तेजी से बढ़ रहे महिला अपराध ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक ने जब लंबे समय से गुमशुदाओं के मामलों को अपहरण में तरमीम करने के निर्देश जारी किए तो जनपद पुलिस ने एक ही दिन में अपहरण के 09 मुकदमे दर्ज किए। इनमें से सात मामले महिला अपराध से जुड़े हैं जिन्हें लापता हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनका अब तक कोई पता नहीं लग पाया। अब पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों को अपहरण में तरमीम कर दिया है।
केस-1: पटेलनगर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि 10 अगस्त को उन्होंने अपनी पत्नी व दो वर्ष के बेटे को शिमला बाइपास पर छोड़ा। उन्हें आइएसबीटी से अपने गांव सतपुरा बिहारीगढ़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश बस से जाना था। जब देर शाम तक तक उनकी पत्नी व बच्चा गांव नहीं पहुंचे तो उन्होंने दोस्त, आस-पड़ोस और रिश्तेदारों में पता किया लेकिन उसका कोई पता नहीं लग पाया।
केस-2: देहराखास पटेलनगर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी 15 साल की पुत्री पुत्री 24 अक्टूबर को घर से अपनी सहेली के सुबह अपने स्कूल के लिए निकली। वह नौवीं कक्षा में पढ़ती है। घुट्टी के बाद वह घर नहीं आई तो उन्होंने उसकी सेहली और स्कूल से पता किया लेकिन उसका कुछ पता नही चला।
केस-3: कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी 23 वर्षीय बहन पटेलनगर स्थित एक होस्टल से अचानक लापता हो गई। बहन की अंतिम काल 20 सितंबर को आई थी। घटना के बाद उन्होंने संस्थान में पढ़ाई कर रही अन्य सहेलियों से पूछा लेकिन उन्हें भी कोई पता नहीं चला। रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, लेकिन कहीं भी उसका पता नहीं लग पा रहा है।
केस-4: देहराखास निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय पुत्री 24 अक्टूबर को घर से बिना बताए कहीं चली गई। जब काफी देर तक घर वापस नहीं आई तो उसके दोस्त, आसपडोस तथा रिश्तेदारों में पता लगाया लेकिन उनका कोई पता नही लग पाया। वह व उनका पूरा परिवार उसके लिए बहुत चिंतित है।
केस-5: भंडारी बाग निवासी एक महिला ने बताया कि पुत्री उम्र 30 वर्ष एक अगस्त को घर से बिना बताए कहीं चली गई। पुत्री की तलाश में उन्होंने काफी खोजबीन की लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। वह पुत्री के सहेलियों व रिश्तेदारों से भी पता करवा चुके हैं, लेकिन तीन माह बाद भी उसका कहीं पता नहीं लग पाया है।
केस-6: निरंजनपुर निवासी व्यक्ति ने बताया कि उनकी 22 वर्षीय पत्नी 02 अक्टूबर को बिना बताए घर से चली गई। उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई पता नहीं लग पाया। मायके व रिश्तेदारों में पता करने के बाद भी उसका कहीं पता नहीं लग पाया है। घटना को लेकर उनका पूरा परिवार परेशान है।
केस-7: डाकपत्थर निवासी एक महिला ने बताया कि उनकी 18 वर्षीय पुत्री 16 अगस्त को अपना मोबाइल ठीक कराने के लिए गई थी। अब तक वह लौटकर नहीं आई। दुकानदार सहित आसपास लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन तीन माह बाद भी उसका कहीं पता नहीं लग पाया है।
केस-8: देहराखास निवासी एक महिला ने बताया कि उनके पति उम्र 55 वर्ष 06 मार्च को बिना बताए घर से चले गए। उन्होंने अपने स्तर उन्हें ढूंढने का हर संभव प्रयास किया लेकिन अब तक पता नहीं चल पाया है। उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है, और रिश्तेदार से पूछा तो उनसे भी कोई पता नहीं लग पाया।
केस-9: चंद्रबनी निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि 22 जुलाई को उनका भाई दोपहर एक बजे से लापता है। वह पिछले दो सालों से अस्वस्थ चल रहा था। भाई को ढूंढने के लिए उन्होंने हर संभव प्रयास किया, लेकिन अब तक कोई पता नहीं लग पाया है।

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