आदि कैलास से भाजपा का शंखनाद, हिंदुत्व की राजनीति का केंद्र बना उत्तराखंड
भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आदि कैलास में संपन्न हुआ, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की राजनीति पर जोर दिया गया। ...और पढ़ें


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अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। दो दिनों तक चीन सीमा से लगे गुंजी और आदि कैलास की कंदराओं में गूंजते रहे हर हर महादेव, भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारों के बीच भाजपा का प्रशिक्षण शिविर शनिवार को संपन्न हो गया।
आदि कैलास की चोटियों पर फिर वही हिम-धवल निस्तब्धता उतर आई है। ठंडी हवाएं अब भी बह रही हैं, दो दिनों तक इन हवाओं में घुली रही राजनीतिक गर्मी अब स्मृतियों में बदल रही है। भगवा झंडे समेट लिए गए हैं। कार्यकर्ता घरों को लौट गए हैं। हिमालय की गोद में लगा यह शिविर तो समाप्त हो गया, लेकिन सीमांत क्षेत्रों में आगामी वर्षों की भगवा राजनीति का एक खाका दे गया।
ये है पार्टी की नई रणनीति
आदि कैलास व हिमालय की ऊंचाइयों से भाजपा जिस संदेश को पूरे देश तक पहुंचाना चाहती थी, वह साफ तौर पर दिया जा चुका है। भाजपा ने शिविर के जरिए संदेश दिया कि उसकी राजनीति अब केवल चुनाव प्रबंधन तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सीमांत क्षेत्रों में राजनीतिक चेतना व आध्यात्मिक प्रतीकों से वैचारिक विस्तार पार्टी की नई रणनीति है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को बूथ प्रबंधन या संगठनात्मक कौशल तो सिखाया ही गया, इसके साथ ही एकात्म मानव दर्शन, पंचनिष्ठा, सनातन परंपरा के जरिये भविष्य की राजनीति में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भूमिका से भी अवगत कराया गया।
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सीमांत क्षेत्रों से वैचारिक रिश्ता मजबूत करने की कोशिश
हिमालय को राष्ट्रवाद के आध्यात्मिक प्रतीक के रूप में स्थापित कर भाजपा ने गुंजी शिविर के जरिए सीमांत क्षेत्रों से वैचारिक और राजनीतिक रिश्ता मजबूत करने की कोशिश की। संगठन ने मोदी सरकार के दौरान वाइब्रेंट विलेज, सीमा सड़कों, पर्यटन और सीमांत विकास को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जोड़ा।
राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं को बताया कि भारत केवल भूभाग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना से निर्मित राष्ट्र है। इस शिविर में भाजपा ने हिंदुत्व की राजनीति को मंदिरों और धार्मिक मुद्दों से आगे बढ़ाकर सीमांत विकास, सैन्य गौरव और सांस्कृतिक अस्मिता तक विस्तार देने का प्रयास किया।
धामी के फैसलों से हिंदुत्व की राजनीति का केंद्र बना उत्तराखंड
भाजपा उत्तराखंड को हिंदुत्व व राष्ट्रवाद की बड़ी प्रयोगशाला के तौर पर स्थापित करना चाहती है। यह शिविर इस दिशा में बड़ा प्रयास था। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कई फैसलों ने उत्तराखंड को हिंदुत्व की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने से लेकर अवैध मजारों और धार्मिक अतिक्रमणों पर बुलडोजर की कार्रवाई, धर्मांतरण विरोधी कानून, लव जिहाद पर एक्शन व अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर धामी ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
भाजपा भी यह मान रही है कि उत्तराखंड से चला हिंदुत्व का संदेश पूरे देश की राजनीति को प्रभावित करता है। इसलिए भाजपा उत्तराखंड को हिंदुत्व व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नई प्रयोगशाला के तौर पर प्रस्तुत कर रही है।
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