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    सरकार ने गन्ना किसानों को दी बड़ी राहत, गन्ना मूल्य में कर दी 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 10:52 PM (IST)

    उत्तराखंड सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देते हुए गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अगेती प्रजाति का गन्ना 405 रुपये और सामान्य प्रजाति का गन्ना 395 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है।

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    सांकेतिक तस्वीर।

    राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून: सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी कर बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए चीनी मिलों द्वारा क्रय किए जाने वाले गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के राज्य परामर्शित समिति के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

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    अब अगेती प्रजाति का गन्ना मूल्य 405 रुपये और सामान्य प्रजाति का मूल्य 395 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसमें पिछले पेराई सत्र के मुकाबले 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। तब अगेती प्रजाति का मूल्य 375 और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल था।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण को गति देने के साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो।

    इसी उद्देश्य से पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गन्ना मूल्य में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों और हितधारकों से विस्तृत विमर्श किया गया।

    साथ ही केंद्र द्वारा निर्धारित एफआरपी, उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य तथा राज्य की भौगोलिक कृषि परिस्थितियों का समुचित विश्लेषण कर संतुलित निर्णय लिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना तथा उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है।

    उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसानों को कोई असुविधा न हो और भुगतान बिना देरी के मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

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