Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में पड़ेगी रिकार्ड तोड़ ठंड, सरकार ने कसी कमर; अधिकारियों को कोल्ड वेव एक्शन प्लान तैयार करने को कहा

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 10:24 PM (IST)

    उत्तराखंड सरकार ने ठंड से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। आपदा प्रबंधन सचिव ने अधिकारियों को कोल्ड वेव एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया है। जिलों को शीतलहर से निपटने के लिए धन दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा और रैन बसेरों में सुविधाओं का ध्यान रखने को कहा गया है। फरवरी 2026 तक खाद्य सामग्री का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं का डेटाबेस बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखने के लिए कहा गया है।

    Hero Image

    सांकेतिक तस्वीर।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून: सर्दी के प्रकोप से प्रभावी ढंग से निबटने के लिए सरकार ने कमर कसी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में जिलों को जल्द से जल्द कोल्ड वेव एक्शन प्लान तैयार करने और इसे उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से साझा करने को कहा।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों को शीतलहर से निबटने के लिए धनराशि मुहैया कराई गई है। यदि किसी जनपद को अतिरिक्त राशि की जरूरत है तो वह शासन को मांग भेज सकते हैं।

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन सचिव सुमन ने यह भी कहा कि शीतकालीन यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को ठंड में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर खास ध्यान दिया जाए।

    मौसम तथा सड़कों की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को आगे रवाना किया जाए। यदि बर्फबारी के कारण मार्ग बाधित होते हैं, तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर रात के समय आवाजाही रहती है, वहां अनिवार्य रूप से अलाव की व्यवस्था की जाए।

    उन्होंने रैन बसेरों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आम जनमानस को शीत लहर से बचाव के दृष्टिगत जागरूक करने पर भी उन्होंने जोर दिया।

    उन्होंने सभी जिलों में फरवरी 2026 तक खाद्य सामग्री, पेयजल व ईंधन का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को चौबीस घंट अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए।

    गर्भवती महिलाओं का डाटा बेस रखें तैयार

    आपदा प्रबंधन सचिव ने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जनवरी और फरवरी माह में होनी है, उनका डाटाबेस बनाया जाए।

    बर्फबारी के कारण जिन क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हो जाती है, वहां से गर्भवती महिलाओं को समय रहते अस्पताल या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई जाए।

    पालाग्रस्त क्षेत्रों में सड़कों को भी चिह्नित कर साइन बोर्ड लगाने को कहा, ताकि लोग संभलकर ऐसे स्थान पर वाहन चलाएं। चूने और नमक का छिड़काव किया जाए। निराश्रितों को रैन बसेरों में पहुंचाया जाए। किसी की मृत्यु शीत लहर से न हो।

    सामान्य से अधिक ठंड रहने की संभावना

    उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस साल शीतकाल के दौरान सामान्य से अधिक ठंड रहने की संभावना व्यक्त की है।

    जनवरी 2026 में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने तथा शीत लहर की लंबे अवधि तक बने रहने की उम्मीद है। इससे ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है। इसे देखते हुए बुज़ुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा बीमार व्यक्तियों की विशेष देखभाल की सलाह दी जाए।

    यह भी पढ़ें- Uttarakhand Weather Update: ऊधम सिंह नगर की रातें मुक्तेश्वर से भी ज्यादा हो गई सर्द, पारे में आ सकती है और गिरावट

    यह भी पढ़ें- भीषण सर्दी की चपेट में उत्तर भारत, मौसम विभाग ने दी तूफान 'दितवाह' की चेतावनी, कई राज्यों में अलर्ट