ऋषिकेश में एनआरआई की संपत्ति पर किरायेदार परिवार का फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी का मामला दर्ज
ऋषिकेश के गंगा नगर में एक एनआरआई की संपत्ति को किरायेदार परिवार ने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर फर्जी तरीके से अपने नाम करवा लिया। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। एनआरआइ की गंगा नगर स्थिति संपत्ति को 100 रुपये के स्टांप पेपर पर कूटरचित तरीके से किरायेदार परिवार ने अपने नाम दर्ज करवा दिया।
पुलिस ने मामले में आरोपितों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में एक आरोपित की मौत हो चुकी है।
एसएसपी कार्यालय में दी शिकायत में अधिवक्ता प्रमोद कुमार नौटियाल, निवासी साईं विहार कालोनी ने बताया कि रमेश कुमार मोदगिल ने साल 1997 में गंगा नगर में संपत्ति खरीदी थी।
उसके पावर आफ एर्टोनी होल्डर वह हैं। संपत्ति में दो कमरे आठ हजार रुपये मासिक किराये पर किरायेदार और केयरटेकर मदन लाल शर्मा को दिए थे।
मूल स्वामी का स्वास्थ्य वृद्ध होने के कारण खराब रहने लगा और वह अपने पुत्र के पास डेनमार्क में रहते हैं। वर्तमान में मूल स्वामी एनआरआइ और वयोवृद्ध नागरिक हैं।
वर्ष 2023 में उनकी जानकारी में आया कि केयरटेकर एवं किरायेदार मदन लाल शर्मा की मृत्यु साल 2021 में एम्स ऋषिकेश में हो गई थी। जिसकी सूचना उनके स्वजन ने इरादतन मूल स्वामी को नहीं दी।
मूल स्वामी को यह भी पता चला कि मदन लाल शर्मा ने अपने स्वजन और भूमाफियाओं के साथ मिलीभगत कर उनकी संपत्ति को कूटरचना कर नगर निगम के दस्तावेजों में अपने नाम करा दिया था।
अधिवक्ता के माध्यम से जानकारी करने पर पता चला कि 100 रुपये के स्टांप पेपर पर फर्जी अनुबंध पत्र के सहारे इसे अपने नाम निगम के दस्तावेजों में चढ़वाया गया।
कोरोनाकाल के बाद करीब पांच लाख का किराया भी नहीं दिया। डीएम से की गई शिकायत में निगम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नामांतरण के लिए वैध अंतरण विलेख नहीं हैं।
पुलिस ने इस मामले में स्व. मदन लाल शर्मा के पुत्र करुण शर्मा, मनीष शर्मा, पत्नी मुक्तेश शर्मा, पुत्री मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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