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    केदारनाथ में पुजारी का नियुक्ति विवाद गहराया, रावल ने दी बेमियादी अनशन की चेतावनी

    Updated: Fri, 29 May 2026 09:53 PM (IST)

    केदारनाथ मंदिर में पुजारी की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। रावल भीमाशंकर लिंग ने मंदिर समिति के आदेश को परंपरा के विरुद्ध बताते हुए प्रधानमंत्री ...और पढ़ें

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    उत्तराखंड के रुदप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम की फोटो।

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    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर में पुजारी की नियुक्ति का विवाद गहराता जा रहा है।

    इस मामले में धाम के रावल भीमाशंकर लिंग ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी समेत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बीते दिनों मंदिर समिति की ओर से जारी नियुक्ति आदेश को परंपराओं के विरुद्ध बताया है।

    साथ ही आदेश वापस न लिए जाने पर ऊखीमठ स्थित वैराग्यपीठ (उषा मठ) में बेमियादी अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।

    पत्र में रावल ने कहा कि परंपरा के अनुसार केदारनाथ, मध्यमेश्वर, ओंकारेश्वर व विश्वनाथ मंदिर में पूजा के लिए चक्रवार हर साल पांच पुजारी नियुक्त होते हैं।

    इनमें से चार पुजारी इन चारों मंदिरों में पूजा की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि एक पुजारी रिजर्व में रहता है। कहा कि वर्ष 2023 से पुजारी का एक पद रिक्त चल रहा है, जिस पर चेला परंपरा के अनुसार शांत लिंग की नियुक्ति की जानी थी।

    इस संबंध में पिछले दो वर्षों में मंदिर समिति को कई पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन आज तक स्थायी नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए। इसी के चलते शांत लिंग अस्थायी रूप से विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में कार्यरत थे।

    रावल का आरोप है कि उनकी संस्तुति के बिना बीती 27 मई को ईश्वर लिंग केदारनाथ के पुजारी नियुक्त कर दिए गए, जो धार्मिक परंपरा के साथ रावल के अधिकारों का भी उल्लंघन है।

    उन्होंने तीन दिन के भीतर नियुक्ति आदेश निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि आदेश वापस नहीं लिए जाने पर वह ऊखीमठ स्थित वैराग्यपीठ में बेमियादी अनशन शुरू कर देंगे।

    पत्र में रावल ने यह भी उल्लेख किया है कि उनके हृदय की शल्य चिकित्सा हुई है और उनकी आयु भी 70 वर्ष से अधिक है। ऐसे में किसी भी तरह की शारीरिक या मानसिक क्षति के लिए मंदिर समिति जिम्मेदार होगी।

    वहीं, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ का कहना है कि पुजारी का नियुक्ति संबंधी आदेश प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है।

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