आखिर क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड रेबीज डे? जानें


By Farhan Khan28, Sep 2025 11:55 AMjagran.com

रेबीज बीमारी

अगर हम रेबीज के बारे में बात करें, तो यह बेहद गंभीर और खतरनाक बीमारी है, जिसका समय रहते इलाज न कराने पर व्यक्ति की जान तक जा सकती है। इन दिनों रेबीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

कुत्ते के काटने से रेबीज होना

आपको जानकारी के लिए बता दें, कि कुत्ते के काटने से रेबीज फैलता है क्योंकि कुत्तों में रेबीज पाया जाता है। आपने देखा होगा कि हाल ही में कुत्ते के काटने से कितने ही व्यक्तियों की जान चली गई।

क्यों मनाते हैं वर्ल्ड रेबीज डे?

हर साल वर्ल्ड रेबीज डे मनाया जाता है। इस बार यह डे 28 सितंबर को मनाया जा रहा है। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर हर साल वर्ल्ड रेबीज डे क्यों मनाया जाता है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

वर्ल्ड रेबीज डे

रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए हर साल 28 सितंबर को वर्ल्ड रेबीज डे मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2007 में हुई थी।

वैज्ञानिक लुई पाश्चर की पुण्यतिथि पर वर्ल्ड रेबीज डे की शुरुआत

साल 2007 में वर्ल्ड रेबीज डे की शुरुआत लायन हार्ट्स फाउंडेशन और सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की साझेदारी में हुई थी और महान वैज्ञानिक लुई पाश्चर की पुण्यतिथि पर वर्ल्ड रेबीज डे मनाया जाने लगा।

लुई पाश्चर ने विकसित की वैक्सीन

लुई पाश्चर ने ही रेबीज की पहली वैक्सीन विकसित की थी, जिसने लाखों लोगों की जान बचाई। यह दिन उनके योगदान को याद करने और रेबीज के बारे में जागरूकता फैलाने का एक तरीका है।

रेबीज का टीका लगवाना

रेबीज बीमारी कुत्ते के अलावा बिल्ली, और चमगादड़ के काटने या खरोंचने से फैलती है। वर्ल्ड रेबीज डे को मनाने का मकसद लोगों को रेबीज के खतरों, इसके बचाव के तरीकों और पालतू जानवरों को टीका लगवाने के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।

रेबीज के बारे में दूसरों को बताएं

हम आशा रखते हैं कि आपको इस बात की जानकारी मिल गई होगी कि आखिर वर्ल्ड रेबीज डे क्यों मनाया जाता है। आपको भी यह जानकारी दूसरों के साथ साझा करनी चाहिए। ताकि दूसरा भी रेबीज के बारे में बता सकें।

लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। लाइफस्टाइल से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com