सनातम धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करना लाभकारी होती है। आइए जानते हैं कि विनायक चतुर्थी पर किन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
पंचांग के अनुसार, आज यानी 01 अप्रैल 2025 को विनायक चतुर्थी मनाई जा रही है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की शुरुआत 01 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर हो गई है। वहीं, इसका समापन 02 अप्रैल को देर रात 02 बजकर 32 मिनट पर होगा।
अक्सर लोग पूजा-पाठ करते समय मंंत्र का जाप करते हैं। इससे जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
विनायक चतुर्थी पर वक्रतुण्ड महाकाय कोटिसूर्य समप्रभ, निर्विघ्नं कुरू मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे रुके हुए कार्य होने लगते हैं।
गणेश जी की पूजा करते समय ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
आर्थिक तंगी का सामना करने वाले साधकों को पूजा करते समय ॐ नमो ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्लीं क्लीं श्रीं लक्ष्मी मम गृहे धनं देही चिन्तां दूरं करोति स्वाहा मंत्र का जाप करना चाहिए।
विनायक चतुर्थी पर इन मंत्रों का जाप करने से साधक की मनोकामनाएं पूरी होने लगती हैं। इसके साथ ही, तरक्की के योग बनते हैं।
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