Jyeshtha Amavasya पर करें इस स्तोत्र का पाठ, पितृ दोष होगा दूर


By Ashish Mishra22, May 2025 12:52 PMjagran.com

Jyeshtha Amavasya 2025

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि ज्येष्ठ अमावस्या पर किस स्तोत्र का पाठ करने से पितृ दोष दूर होते हैं?

ज्येष्ठ अमावस्या कब है?

पंचांग के अनुसार, 26 मई 2025 को ज्येष्ठ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन पितरों की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

ज्येष्ठ अमावस्या शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा।

गंगा स्तोत्र का पाठ करें

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पूजा करते समय गंगा स्तोत्र का पाठ करें। इससे पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा

अमावस्या के दिन गंगा में या पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद गंगा स्तोत्र का पाठ करें। ऐसा करने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है।

मानसिक शांति की प्राप्ति

तनाव का सामना करने वाले लोगों को ज्येष्ठ अमावस्या पर गंगा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे मानसिक शांति की प्राप्ति और तनाव दूर होता है।

पापों से मुक्ति

ज्येष्ठ अमावस्या पर स्नान करने के बाद गंगा स्तोत्र का पाठ करें। इससे पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति के योग बनते हैं।

इन चीजों का दान करें

ज्येष्ठ अमावस्या पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े, तिल, गुड़, घी, आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

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