सनातन धर्म में शीतला सप्तमी का विशेष महत्व होता है। इस दिन मां शीतला की पूजा करना शुभ होता है। आइए जानते हैं कि शीतला सप्तमी कब है?
पंचांग के अनुसार, 21 मार्च 2025 को शीतला सप्तमी मनाई जाएगी। इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि की शुरुआत 21 मार्च को देर रात 02 बजकर 45 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 22 मार्च को सुबह 04 बजकर 23 मिनट पर होगा।
इस दिन सिद्धि योग और रवि योग का निर्माण हो रहा है। इन योग में मां शीतला की पूजा करने से कार्य में सफलता मिलती है और रुके हुए कार्य होने लगते हैं।
शीतला सप्तमी पर मां शीतला को बासी भोजन का भोग लगाना चाहिए। इससे साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और रोगों से मुक्ति मिलती है।
मां शीतला की पूजा करते समय घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और तरक्की के योग बनते हैं।
शीतला सप्तमी पर श्री शीतला चालीसा का पाठ करना चाहिए। इससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं और भय दूर होता है।
अगर आप बीमारियों का सामना कर रहे हैं, तो शीतला माता की पूजा करें। इससे स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां दूर होने लगती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
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