सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि वैशाख पूर्णिमा पर किन कामों को करने से बचना चाहिए?
पंचांग के अनुसार, 12 मई को वैशाख पूर्णिमा है। इसी दिन बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाती है। इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं।
पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा की शुरुआत 11 मई को शाम 08 बजकर 01 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 12 मई को रात 10 बजकर 25 मिनट पर होगा।
कई काम ऐसे होते हैं, जिसे वैशाख पूर्णिमा पर करने से बचना चाहिए। इन कामों को करने से जीवन में कंगाली आ सकती है।
वैशाख पूर्णिमा पर नाखून काटने से बचना चाहिए। इसके अलावा, पूर्णिमा के दिन बाल धोने से भी बचना चाहिए। इन कामों को करने से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन तामसिक चीजें जैसे- मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज खाने से बचना चाहिए। इन चीजों को खाने से पूजा करने का फल नहीं मिलता है।
वैशाख पूर्णिमा पर व्रत रखने वाली साधकों को अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
वैशाख पूर्णिमा पर इन कामों को करने से व्यक्ति को कंगाली का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही, बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं।
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