पश्चिम बंगाल: बारुईपुर जेल से कैदी चकमा देकर फरार, ड्यूटी में लापरवाही पर दो गार्ड निलंबित
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर संशोधनागार से एक कैदी के फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने दो कारारक्षियों को निलंबित कर दिया है।

(यह फोटो एआई द्वारा बनाई गई है)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर संशोधनागार से एक कैदी के फरार होने की घटना के बाद जेल प्रशासन ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो कारारक्षियों को निलंबित कर दिया है।
वहीं, फरार बंदी अंबर अली नस्कर को पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे दोबारा बारुईपुर संशोधनागार भेज दिया गया है। घटना गुरुवार की है।
पुलिस और जेल सूत्रों के अनुसार, बारुईपुर के बकुलतला थाना क्षेत्र के खोलाखाली आड्डाबाड़ी इलाके का रहने वाला 25 वर्षीय अंबर अली नस्कर किसी मामले में बारुईपुर संशोधनागार में बंद था।
गुरुवार को वह कारारक्षियों की नजरों से बचकर जेल से फरार हो गया। अंबर के अपने सेल में नहीं मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने जेल प्रशासन से सूचना मिलने के बाद अंबर की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह जेल से भागने के बाद अपने घर में ही छिपा हुआ है।
इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार रात ही उसे दोबारा बारुईपुर संशोधनागार भेज दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कैदी के जेल से फरार होने की घटना के बाद संशोधनागार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। जेल प्रशासन ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की कि आखिर किन परिस्थितियों में अंबर कारारक्षियों को चकमा देकर भागने में सफल हुआ।
जांच के दौरान घटना के समय ड्यूटी पर तैनात दो कारारक्षियों की भूमिका में लापरवाही पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।
जेल सूत्रों के मुताबिक, मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कैदी किस तरह सुरक्षा घेरे से बाहर निकलने में सफल हुआ।
