शिक्षक भर्ती घोटाला: पूर्व मंत्री पार्थ के करीबी ने सीबीआई को लिखा पत्र, अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में आरोपित संतु गंगोपाध्याय ने सीबीआई को पत्र लिखकर सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है।

पूर्व मंत्री पार्थ के करीबी ने सीबीआई को लिखा पत्र।
HighLights
संतु गंगोपाध्याय ने सीबीआई को सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव दिया।
उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले में अभिषेक बनर्जी का नाम लिया।
संतु ने रिश्वत की रकम और उसके वितरण का दावा किया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में आरोपित और पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी माने जाने वाले संतु गंगोपाध्याय ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताते हुए सीबीआई को पत्र दिया है।
उन्होंने मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां जांच एजेंसी को देने की बात कही है। संतु फिलहाल जमानत पर हैं। उन्होंने हाई कोर्ट का भी रुख किया है।
सीबीआई को दिए पत्र में संतु ने दावा किया है कि उन्होंने एजेंटों के जरिए प्राथमिक शिक्षक पद के अभ्यर्थियों से रिश्वत के रूप में रकम जुटाई और उसे पूर्व टीएमसी नेता व आरोपित कुंतल घोष को सौंपा।
उनके अनुसार, 2017 में कुंतल ने यह रकम सुजयकृष्ण भद्र उर्फ ‘कालीघाट के काकू’ के बेहला स्थित घर और न्यू अलीपुर के लिप्स एंड बाउंड्स कार्यालय में पहुंचाई। संतु के अनुसार, सुजयकृष्ण ने उन्हें और कुंतल को पांच करोड़ रुपये जुटाने को कहा था।
संतु ने 22 लाख और कुंतल ने 3.28 करोड़ रुपये की व्यवस्था की। इसके बाद करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये दो काले बैग में न्यू अलीपुर स्थित लिप्स एंड बाउंड्स कार्यालय पहुंचाए गए। संतु का दावा है कि कुछ देर बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी वहां पहुंचे। उनके अनुसार, सुजयकृष्ण ने अभिषेक को बताया कि केवल साढ़े तीन करोड़ रुपये ही जुट पाए हैं।
संतु का आरोप है कि इसके बाद एक सप्ताह के भीतर बाकी डेढ़ करोड़ रुपये जुटाने को कहा गया और ऐसा नहीं होने पर उनके अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र नहीं मिलने की बात कही गई। ये सभी दावे संतु की ओर से किए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गिरफ्तारी के बाद जमानत, अब सरकारी गवाह बनने की अर्जी
सीबीआई ने संतु को 25 नवंबर 2024 को प्राथमिक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया था। पिछले वर्ष 12 नवंबर को हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने पांच लाख रुपये के बांड पर उन्हें जमानत दी थी। अब जमानत पर बाहर संतु ने सरकारी गवाह बनने के लिए सीबीआई से अनुरोध किया है।
साथ ही उन्होंने हाई कोर्ट में भी अर्जी दी है। संतु ने कहा है कि उनके पास मामले से जुड़ी और भी जानकारी है और वह मुंह खोलेंगे तो पिछली सरकार के कई लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा कि संतु उनके विधानसभा क्षेत्र में रहता था और उसके आरोपों की सत्यता की जांच होनी चाहिए।
