10 साल में 'लखपति' से 'करोड़पति' बने भाजपा नेता दिलीप घोष, खड़गपुर सदर से लड़ेंगे चुनाव
भाजपा नेता दिलीप घोष ने खड़गपुर सदर से नामांकन दाखिल किया है। उनके हलफनामे से पता चला है कि 2016 के बाद से उनकी संपत्ति में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो ...और पढ़ें

भाजपा नेता दिलीप घोष

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दिलीप घोष एक बार फिर अपने 'पुराने किले' खड़गपुर सदर को फतह करने के लिए चुनावी मैदान में हैं। शनिवार को शक्ति प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
उनके द्वारा जमा किए गए शपथ पत्र से यह साफ हुआ है कि पिछले एक दशक में उनकी संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। साल 2016 में करीब 30 लाख रुपये की संपत्ति के मालिक दिलीप घोष आज दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के स्वामी हैं।
संपत्ति का विवरण और पारिवारिक निवेश
61 वर्षीय दिलीप घोष ने अपने हलफनामे में जानकारी दी है कि उनके पास वर्तमान में 3.5 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी रिंकू मजूमदार के पास 50 लाख रुपये है। दिलीप की कुल चल संपत्ति 28.75 लाख रुपये है, जबकि उनकी अचल संपत्ति (जमीन और मकान) की कीमत 1.85 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उनके पास मेदिनीपुर में पुश्तैनी जमीन के अलावा कोलकाता के लेदर कांप्लेक्स इलाके में 1.42 करोड़ रुपये का एक फ्लैट भी है। 2024 के चुनाव में उन पर 50 लाख रुपये का कर्ज था, लेकिन 2026 तक वह पूरी तरह कर्जमुक्त हो चुके हैं।
कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक सफर
राजनीति के बीच दिलीप घोष के खिलाफ बंगाल के विभिन्न थानों में कुल 28 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने की साजिश और धमकी देने जैसे गंभीर शामिल हैं।
1980 में माध्यमिक पास करने वाले दिलीप घोष को 2024 के लोकसभा चुनाव में बर्द्धमान-दुर्गापुर में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद अब पार्टी ने उन्हें फिर से विधानसभा की लड़ाई में उतारा है, जहां उनके साथ सुवेंदु अधिकारी जैसे दिग्गज नेता प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।