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JU ने कैंपस से हटाईं विवादित पेंटिंग और नारे, सीएम शुभेंदु की चेतावनी के बाद हरकत में विश्वविद्यालय प्रशासन

Updated: Sun, 30 Aug 2026 09:57 AM (IST)

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद जाधवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस से आपत्तिजनक स्लोगन और ग्रैफिटी हटाईं।

जेयू में लिखे स्लोगन पर हुई सफेदी।

जेयू में लिखे स्लोगन पर हुई सफेदी।

HighLights

  1. सीएम शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद हुई कार्रवाई।

  2. जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस से आपत्तिजनक स्लोगन और ग्रैफिटी हटाई गईं।

  3. चैपलिन, नाजी सैल्यूट, किशनजी से जुड़े नारे भी मिटाए गए।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की या तो वे या हम वाली चेतावनी के एक दिन बाद शनिवार को जाधवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) प्रशासन ने कैंपस में बनी आपत्तिजनक स्लोगन और ग्रैफिटी पर सफेदी करा दी।

यूनिवर्सिटी के जनरल मेंटेनेंस विभाग ने कैंपस से ग्रैफिटी हटाने में छह घंटे लगाए। इनमें चार्ली चैपलिन का एक म्यूरल भी शामिल था जिस पर लिखा था, “फासीवाद पर बहस नहीं की जाती। इसे कुचल दिया जाता है।” इसके अलावा, नाजी सैल्यूट वाली ग्रैफिटी भी हटाई गईं जिन पर “लाल रंग से फासीवाद को खत्म करो” और “कॉमरेड किशनजी जिंदाबाद” लिखा था।

सफाई अभियान में सब साफ

ओपन-एयर थिएटर की दीवारों पर लिखी बातें भी मिटा दी गईं, जिन पर लिखा था, “फासीवादी लोकतंत्र के लायक नहीं हैं। वे सिर में गोली खाने के लायक हैं”, शरजील इमाम की तस्वीर के साथ “चक्का जाम समाधान है, देशद्रोह नहीं” और पैगंबर मोहम्मद का एक कोट। फलस्तीन की आजादी मांगने वाली ग्रैफिटी भी इस सफाई अभियान में साफ हो गई।

यूनिवर्सिटी के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “जनरल मेंटेनेंस सेक्शन को ग्रैफिटी हटाने का काम सौंपा गया था क्योंकि हम और विवाद से बचना चाहते थे। सफाई का काम एक कॉन्ट्रैक्टर को दिया गया था।”

'रेड सैल्यूट किशनजी लिखने की हिम्मत कैसे हुई?'

शुक्रवार को जेयू के गेट नंबर 2 से लगभग 200 मीटर दूर एक सभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कैंपस में कश्मीर मांगे आजादी और रेड सैल्यूट किशनजी जैसे नारे लगाने के लिए जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों की कड़ी आलोचना की।

यह पूछते हुए कि जेयू के छात्रों की रेड सैल्यूट किशनजी लिखने की हिम्मत कैसे हुई, अधिकारी ने कहा, "क्या आप इतने बेताब हैं? किशनजी कौन है? वही, जिसने भारत के संविधान को जलाया था। वह चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान करता था। आप इस किशनजी को रेड सैल्यूट देंगे...?" बता दें कि किशनजी एक बड़े माओवादी नेता था, जिसे 2011 में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।

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