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    'फ्लोर टेस्ट का आदेश दें': ऋतब्रत बनर्जी ने किया 64 TMC विधायकों के समर्थन का दावा, स्पीकर को सौंपी लिस्ट

    Updated: Fri, 12 Jun 2026 08:45 PM (IST)

    तृणमूल विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर 'फासीवादी मानसिकता' का आरोप लगाया और 64 बागी विधायकों के समर्थन का दावा किया। ...और पढ़ें

    ऋतब्रत बनर्जी ने 64 विधायकों के समर्थन का किया दावा

    ऋतब्रत बनर्जी ने 64 विधायकों के समर्थन का किया दावा

    HighLights

    1. ऋतब्रत बनर्जी ने TMC नेतृत्व पर 'फासीवादी मानसिकता' का आरोप लगाया।

    2. उन्होंने 64 बागी विधायकों के समर्थन का दावा किया।

    3. विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की राजनीति में इस समय काफी उठापटक चल रही है। विधानसभा परिसर के बाहर शुक्रवार को तृणमूल विधायकों के बागी खेमे के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए संगठन के भीतर 'फासीवादी मानसिकता' और 'घुटनभरे माहौल' का आरोप लगाया।

    ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि मौजूदा विद्रोह किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि 'गुलामी से मुक्ति' की लड़ाई है।

    फ्लोर टेस्ट कराने की मांग

    ऋतब्रत ने दावा किया कि उनके बागी खेमे के पास फिलहाल 64 विधायक हैं और यह संख्या बरकरार रहेगी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि संदेह हो तो फ्लोर टेस्ट कराया जाए, उनका गुट हर परीक्षा के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में बागी विधायकों की संख्या और बढ़ सकती है।

    अपने संसदीय प्रदर्शन का हवाला देते हुए ऋतब्रत ने बताया कि उन्होंने अब तक संसद में 275 बहसों में हिस्सा लिया और 823 प्रश्न पूछे हैं। हालांकि अंतिम सत्र में उन्होंने कोई प्रश्न नहीं पूछा।

    इसके पीछे उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि केवल अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से भेजे गए प्रश्न ही सदन में उठाए जाएं। उनके अनुसार एक 'पीओसी' लगातार उन पर नजर रखता था।

    ऋतब्रत बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि प्रश्न पूछने की प्रक्रिया इसी तरह नियंत्रित होती रही तो भविष्य में किसी ‘कैश फार क्वेश्चन’ जैसे विवाद की स्थिति में जवाबदेही तय करना मुश्किल होगा।

    ऋतब्रत ने पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली को 'युवराज (अभिषेक पर तंज) की एकाधिकारवादी राजनीति' करार देते हुए कहा कि यही असंतोष आने वाले दिनों में और नेताओं को बागी खेमे की ओर आकर्षित करेगा।

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