अभिषेक का नाम लेकर रकम जमा कराने पर सुमित राय के वकील का दावा- कोई कबूलनामा नहीं हुआ
सुमित राय के वकील अग्निश बसु ने तृणमूल कांग्रेस के खाते में रकम जमा करने और अभिषेक बनर्जी का नाम जोड़ने वाली मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है।

सुमित राय के वकील का दावा।
HighLights
वकील ने टीएमसी फंड और अभिषेक बनर्जी से जुड़ी रिपोर्टें खारिज कीं।
कहा, कोई कबूलनामा नहीं हुआ, जमा रकम पूरी तरह वैध थी।
फंड का वार्षिक लेखा-परीक्षण कर आयकर विभाग को विवरण दिया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के खाते में रकम जमा करने और इस सिलसिले में अभिषेक बनर्जी का नाम लिए जाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को सुमित राय के वकील अग्निश बसु ने खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल की ओर से कोई कबूलनामा नहीं किया गया है। उनके अनुसार, पार्टी के खाते में जमा रकम वैध थी और उसका हर साल लेखा-परीक्षण कर आयकर विभाग तथा चुनाव आयोग के समक्ष विवरण जमा किया गया है।
अग्निश बसु ने कहा कि 2018 से अब तक राजनीतिक दलों की आय के अलग-अलग वैध स्रोत रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के मामले में सदस्यता शुल्क भी आय का एक स्रोत है।
उनके अनुसार, पार्टी सदस्यों से प्राप्त रकम को पार्टी के निर्देश पर समय-समय पर कोषाध्यक्ष के निर्देश के मुताबिक आधिकारिक बैंक खातों में जमा किया गया। वकील ने कहा कि कोषाध्यक्ष का पद संभालने वाला व्यक्ति समय के साथ बदल सकता है, लेकिन जिस समय जो निर्देश मिले, उसी के अनुसार रकम पार्टी के वैध कोष में जमा की गई।
‘कबूलनामे का सवाल ही नहीं’
बसु ने कहा कि पार्टी के आधिकारिक खातों का हर साल आडिट होता है और संबंधित दस्तावेज आयकर विभाग तथा चुनाव आयोग को दिए जाते हैं। इसलिए सरकार बदलने के बाद इन रकमों को अचानक अवैध बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह भी उन्होंने समाचार चैनलों से कहा था कि किसी तरह के कबूलनामे का सवाल नहीं है।
उनके अनुसार, जांच एजेंसियों को आवश्यक जानकारी दी गई है और पूछताछ में पूरा सहयोग किया गया है।
बसु ने कहा कि कबूलनामा तभी होता है जब कोई व्यक्ति गलत या गैरकानूनी काम करने की बात स्वीकार करे, जबकि उनके मुवक्किल के अनुसार ऐसा कोई गैरकानूनी काम हुआ ही नहीं है। राजनीतिक उद्देश्य या राजनीतिक नैरेटिव पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया।
