Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पश्चिम बंगाल: SIR मामले में बार-बार आ रही शिकायतें, सुप्रीम कोर्ट मांगेगा कलकत्ता HC से रिपोर्ट

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 11:00 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर मामले में ट्रिब्युनलों में सुनवाई शुरू न होने पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने बंगाल ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    सुप्रीम कोर्ट 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर मामले में अपीलों पर ट्रिब्युनलों में सुनवाई शुरू न होने की शिकायत पर सोमवार को कहा कि वह आज ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस पर रिपोर्ट मांगेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल एसआईआर मामले में प्रतिदिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर कोर्ट आने पर नाखुशी भी जताई।

    बंगाल में हुए एसआईआर में अंतिम मतदाता सूची से बाहर हो गए लोगों की अपीलों पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीशों की अध्यक्षता में अपीलीय ट्रिब्युनलों का गठन किया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता HC से रिपोर्ट तलब की

    सुप्रीम कोर्ट ने गत 13 अप्रैल को दिए आदेश में कहा था कि अगर अपीलीय ट्रिब्युनल मतदान से दो दिन पहले यानी 23 अप्रैल और 29 अप्रैल से दो दिन पहले 21 और 27 अप्रैल तक जिनकी अपीलें मंजूर करके आदेश दे देती हैं उन लोगों को चुनाव में मत देने का अधिकार होगा और चुनाव आयोग उनके नाम पूरक मतदाता सूची निकाल कर उसमें शामिल करेगा और मतदान के लिए सभी उपाय करेगा।

    इसके साथ ही कोर्ट ने उस आदेश में ये भी स्पष्ट किया था कि ट्रिब्युनल के समक्ष अपील लंबित रहने भर से किसी को मत देने का अधिकार नहीं होगा। सोमवार को वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जोयमाल्या बाग्ची की पीठ के समक्ष बंगाल एसआईआर मामले का जिक्र किया और आरोप लगाया कि अपीलीय ट्रिब्युनल काम नहीं कर रही हैं।

    कामत ने ये भी कहा कि अपीलीय ट्रिब्युनलों में वकीलों को अनुमति नहीं दी जा रही है और अपीलीय ट्रिब्युनल सिर्फ आनलाइन व कंप्यूटर से भेजी गई अपीलों को ही ले रही हैं लोग सीधे ट्रिब्युनल में अपील नहीं दाखिल कर पा रहे हैं।

    अपीलीय ट्रिब्युनल में सुनवाई शुरू न होने पर नाराजगी

    बंगाल एसआईआर का मामला मेंशन किए जाने पर पहले तो पीठ की अध्यक्षता कर रहे सीजेआइ सूर्यकांत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रतिदिन बंगाल एसआईआर का मामला यहां मेंशन किया जाता है। लेकिन वकील कामत ने कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नही हो रहा है। इस पर सीजेआइ ने कहा कि वह आज ही इस पर कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मांगेगे।

    इस मामले के बाद एक अन्य वकील मेनका गुरुस्वामी ने फिर बंगाल एसआईआर का मामला मौखिक रूप से मेंशन करते हुए कोर्ट से कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने फार्म छह के जरिए पांच से सात लाख नये मतदाताओं को जोड़ा है। गुरुस्वामी ने कहा कि कटआफ डेट के बाद मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सकता इसका चुनाव पर असर पड़ेगा।

    मतदाता सूची में नाम जोड़ने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

    सीजेआई ने कहा कि आप इस संबंध में याचिका दाखिल करिए कोर्ट विचार करेगा। इस पर गुरुस्वामी का कहना था कि उनके पास इस संबंध में पर्याप्त सूचना नहीं है क्योंकि अंतिम मतदाता सूची अभी प्रकाशित होनी है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम फिशिंग एन्क्वायरी जारी नहीं रख सकते।

    कोर्ट इस तरह की मांगों पर विचार नहीं कर सकता। ज्ञातव्य हो कि सुप्रीम कोर्ट बंगाल में एसआईआर के मामले पर लगातार सुनवाई कर रहा है और कई आदेश भी दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही बंगाल में एसआईआर के काम में न्यायिक अधिकारी लगाए गए थे और अब अपीलों पर सुनवाई भी न्यायिक ट्रिब्युनल कर रही हैं। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होना है।