Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मालदा हिंसा: पुलिस अधीक्षक और बीडीओ कार्यालय पहुंची NIA की टीम, जांच तेज

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 10:55 PM (IST)

    मालदा में 1 अप्रैल को हुई न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हिंसा मामले में एनआईए ने जांच तेज कर दी है। तीन टीमों ने एसपी और बीडीओ कार्यालयों का दौरा कर ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    मालदा हिंसा मामले में एनआईए ने तेज की जांच। सांकेतिक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, मालदा। बंगाल के मालदा जिले में एक अप्रैल को हुए न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हिंसा मामले की जांच कर रही एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की टीम ने अपनी जांच तेज कर दी है। एनआइए ने जांच के लिए तीन टीम बनाई है।

    पहली टीम मालदा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और विभिन्न रिकार्डों को खंगाला। यहां पुलिस अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। उसके बाद यह टीम बीडीओ कार्यालय पहुंची जहां न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया था।

    दूसरी टीम ने मोथाबाड़ी थाना जाकर पुलिस रिकार्ड और शुरुआती रिपोर्ट की जांच की। तीसरी टीम सीधे उन स्थानों पर गई जहां ¨हसक घटनाएं हुई थी। घटना वाले दिन हालात कैसे बिगड़े और कहां प्रशासनिक विफलता हुई, इसकी जांच भी की जा रही है।

    इंटरनेट मीडिया की भूमिका अहम

    पूरे मामले में इंटरनेट मीडिया की भूमिका की भी खास तौर पर जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कई इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भड़काऊ पोस्ट और कमेंट किए गए थे। जांच करने वालों का मानना है कि इन्हीं पोस्ट की वजह से मामला और उलझा।

    उन अकाउंट की पहचान करने और उनके सोर्स, मकसद और संभावित ¨लक का पता लगाने का काम शुरू हो गया है। कई लोगों की पहचान भी कर ली गई है। इनकी सूची बनाई जा रही है। मालूम हो कि एक अप्रैल को एसआइआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों ने ¨हसक प्रदर्शन किया था।

    प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, वाहनों को क्षति पहुंचाई और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इस दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया। जिले में लगातार दो दिन हिंसक घटनाएं हुई।

    इस कांड के मास्टरमाइंड एआइएमआइएम नेता और वकील मोफक्करुल इस्लाम को शुक्रवार को दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के अनुसार वह बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहा था। उससे एनआइए की पूछताछ कर रही है। घटना में 19 मामले दर्ज हुए हैं और 35 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

    ममता बोलीं

    निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर रही एनआइएमुख्यमंत्री ममता ने शनिवार को मालदा के मानिकचक में चुनावी रैली के दौरान भाजपा पर बाहर से लोगों को लाकर मालदा में ¨हसा फैलाने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा की योजना चुनाव रद कराने और बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की है।

    दावा किया कि असली दोषी भाग निकले हैं, जबकि एनआइए निर्दोष स्थानीय युवाओं को उठा रही है और उन्हें परेशान कर रही है। दो सांप्रदायिक पार्टियां आइएसएफ और एआइएमआइएम जजों को घेरकर भाग गईं। अब जांच के नाम पर एनआइए ने करीब 50 निर्दोष लोगों को पकड़ा है।

    यह भी पढ़ें- बंगाल चुनाव: ममता सरकार ने 15 साल में क्या-क्या किया, कई उपलब्धियों के बाद भी आगे कितनी चुनौतियां?

    यह भी पढ़ें- बंगाल: सीएम ममता के हेलीकॉप्टर के पास दिखा रहस्यमयी ड्रोन, तीन हिरासत में