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ट्रंप के एक बयान से क्यों आई ब्रिटेन-आयरलैंड के रिश्तों में खटास, कहा- यह होकर रहेगा

By Shubham KumarEdited By: Shubham Kumar
Published: Sun, 13 Sep 2026 10:43 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 13 Sep 2026 10:45 AM (GMT+05:30)

डोनल्ड ट्रंप के आयरलैंड दौरे पर उनके आयरिश एकीकरण संबंधी बयान ने ब्रिटेन-आयरलैंड संबंधों में खटास पैदा कर दी है। ...और पढ़ें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

HighLights

  1. ट्रंप ने आयरलैंड दौरे पर आयरिश एकीकरण का समर्थन किया।

  2. उनके बयान से उत्तरी आयरलैंड में राजनीतिक भूचाल आ गया।

  3. ट्रंप का अप्रत्याशित कूटनीतिक अंदाज वैश्विक स्तर पर हमेशा चर्चा में।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। दुनिया में राष्ट्रपतियों के दौरे होते हैं, राजनायिक यात्राएं होती हैं और फिर डोनल्ड ट्रंप के दौरे होते हैं....जहां मेजबान देश अक्सर उनके माइक छिपाना चाहते हैं, अपने संविधानिक दस्तावेजों को ताले में बंद करना चाहते हैं। चुपचाप यह जांचते हैं कि राष्ट्रपति को सही नक्शा मिला है या नहीं और उन्हें कोई आकर्षक रियल एस्टेट दिखाने की कोशिश करते हैं।

शनिवार को आयरलैंड को भी कुछ ऐसा ही 'ट्रंप ट्रीटमेंट' मिला, जहां उन्होंने अपने मजाकिया और बेबाक अंदाज में वहां के लोगों से कह दिया कि तुम लोग मेरे साथ कारोबार करने वाले सबसे शातिर लोगों में से हो...लेकिन जब तुम अच्छे बनना चाहो, तो तुमसे अच्छा कोई नहीं है।

'आयरिश यूनिफाइड' पर ट्रंप का विस्फोटक बयान

दौरे के दौरान एक ऐसा सवाल उठा जिसे आम तौर पर कूटनीतिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुत सावधानी से संभाला जाता है, आयरलैंड का एकीकरण। इस पर पारंपरिक राजनायिक भाषा जैसे 'उत्तरी आयरलैंड के लोग', 'गुड फ्राइडे समझौता' या 'सहमति के सिद्धांत' का इस्तेमाल करने के बजाय, ट्रंप ने पूरी तरह अपने अनप्रेडिक्टेबल अंदाज में जवाब दिया।

आयरिश प्रधानमंत्री मिचेल मार्टिन के साथ खड़े होकर ट्रंप ने कहा कि मैं इसे एकजुट देखना पसंद करूंगा। यह आखिरकार होकर रहेगा। बेहतर होगा कि यह अभी हो जाए। उन्होंने इसे एक शानदार चीज बताया और कहा कि मार्टिन इसे आगे बढ़ाने के लिए यहां सही आदमी हैं। हालांकि, जाते-जाते उन्हें एक छोटी सी बात याद आ गई कि जाहिर है, ब्रिटेन को इस पर कुछ कहना होगा।

एक बयान से उत्तरी आयरलैंड में भूचाल कैसे? 

इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि आयरिश पीएम के साथ खड़े होकर ट्रंप की तरफ से दिए गए इस एक बयान ने उत्तरी आयरलैंड जो ब्रिटेन का हिस्सा है, वहां भूचाल ला दिया। वहां के यूनियनिस्ट राजनेताओं ने तुरंत याद दिलाया कि इस क्षेत्र का भविष्य वहां के लोगों को तय करना है, न कि इस तरह की कैजुअल टिप्पणियों से।

'ट्रंप स्टाइल'- कूटनीति के पारंपरिक नियमों को दरकिनार करना 

चर्चाएं तेज हुईं, कूटनीति का बाजर भी गर्म हुआ। दिलचस्प इस बात को समझना है कि आयरलैंड की एकता पर इस तरह बात करना किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे था जैसे कोई व्यक्ति किसी बहुत ही गंभीर, संवेदनशील और उलझे हुए पारिवारिक मामले पर बात करते-करते अचानक से एकदम कैजुअल अंदाज में कह दे कि चलो, घर बेच देते हैं....

हालांकि इस बात में भी कोई दोहराई नहीं है कि यह विशुद्ध रूप से 'ट्रंप स्टाइल' है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब आप 3 साल लगाकर कोई कूटनीतिक वाक्य गढ़ने के बजाय 30 सेकंड में एक राजनीतिक बम फोड़ सकते हैं, तो फिर मशक्कत क्यों करें?

सभी ओर रहता है 'ट्रंप ट्रीटमेंट' का असर

अच्छा, गौर करने वाली बात यह भी है कि ट्रंप के शैली का असर सिर्फ आयरलैंड तक सीमित नहीं है। इसके इतर अगर ट्रंप का विमान सियोल, प्योंगयांग, ताइपे, बीजिंग, नई दिल्ली या इस्लामाबाद की ओर रुख करता है, तो वहां के अधिकारी यह सोचकर हैरान हो सकते हैं कि उनका मेहमान व्यापार, सुरक्षा और निवेश पर चर्चा करने आया है या फिर डिनर से पहले यह घोषणा करने वाला है कि किन दो देशों को आपस में एक हो जाना चाहिए?

अब उदाहरण के तौर पर ऐसे समझिए कि उत्तर और दक्षिण कोरिया को लेकर क्या ट्रंप कहेंगे कि एकीकरण अनिवार्य है? दूसरी तरफ बात जैसे ही चीन और ताइवान की होगी बीजिंग शायद उनके डेजर्ट तक पहुंचने से पहले ही उनका माइक जब्त करना चाहेगा।