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ट्रंप के आदेश पर गूगल का एक्शन, अमेरिकी यूजर्स के लिए 'लेक ओंटारियो' बनी 'लेक अमेरिका', कनाडा में रहेगा पुराना नाम

Updated: Mon, 31 Aug 2026 11:47 PM (GMT+05:30)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद गूगल मैप्स ने अमेरिका में लेक ओंटारियो का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' कर दिया है।

गूगल मैप्स ने लेक ओंटारियो को अमेरिकी यूजर्स के लिए लेक अमेरिका किया

गूगल मैप्स ने लेक ओंटारियो को अमेरिकी यूजर्स के लिए लेक अमेरिका किया

HighLights

  1. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर गूगल मैप्स ने नाम बदला।

  2. अमेरिकी यूजर्स के लिए लेक ओंटारियो अब 'लेक अमेरिका' है।

  3. कनाडा में नाम 'लेक ओंटारियो' ही रहेगा, अन्य मैप्स अपरिवर्तित।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद गूगल मैप्स ने अमेरिका में यूजर्स के लिए लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका कर दिया है।

यह बदलाव तब हुआ, जब अमेरिकी ज्योग्राफिक नेम्स इन्फार्मेशन सिस्टम (जीएनआइएस) ने अमेरिका में झील का नाम आधिकारिक तौर पर बदल दिया।

लेक ओंटारियो का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा कनाडा की सीमा में और लगभग 48 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका की सीमा में आता है।

गूगल ने शनिवार को कहा, अमेरिकी ज्योग्राफिक नेम्स इन्फार्मेशन सिस्टम ने अमेरिका में लेक ओंटारियो का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर लेक अमेरिका कर दिया है। चूंकि हम सरकारी स्रोतों में नाम बदलने के हिसाब से गूगल मैप्स को अपडेट करते हैं, इसलिए अमेरिका में इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को लेक अमेरिका दिखाई देगा, जबकि कनाडा में लोगों को लेक ओंटारियो ही दिखाई देता रहेगा।

अमेरिका और कनाडा के बाहर के यूजर्स को दोनों नाम दिखाई देंगे, जिसमें लेक ओंटारियो के बाद ब्रैकेट में लेक अमेरिका लिखा होगा।

गूगल ने कहा कि यह बदलाव उसकी उस पुरानी नीति के तहत किया गया है, जो अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से जाने जाने वाले जल निकायों के लिए है।

बाउंटी वाटर्स ट्रीटी के तहत आता है लेक

लेक ओंटारियो कनाडा और अमेरिका के बीच बंटी हुई है और यह बाउंड्री वाटर्स ट्रीटी के तहत आती है। यह संधि 20वीं सदी की शुरुआत में साझा जल स्रोतों को लेकर होने वाले विवादों को रोकने और सुलझाने के लिए बनाई गई थी।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पास भौगोलिक स्थानों के नाम तय करने के मामले में अमेरिकी सरकार के लिए व्यापक अधिकार हैं, लेकिन वे दूसरे देशों को वही नाम अपनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। रविवार दोपहर तक वेज और एपल मैप्स ने इस झील को लेक ओंटारियो के रूप में ही दिखाया।

मैपक्वेस्ट ने भी एक पोस्ट में कहा, हम इसे नहीं बदल रहे हैं।

(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)