कैलिफोर्निया: सनकी आशिक ने भारतीय मूल की महिला को सरेआम गोलियों से भूना, बाद में खुद को भी मार डाला
कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में भारतीय मूल की 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की एक सिरफिरे युवक रोहित ने गोली मारकर हत्या कर दी।

कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की महिला की हत्या।
HighLights
भारतीय मूल की महिला शालिनी ठाकुर की सैक्रामेंटो में गोली मारकर हत्या।
आरोपी रोहित एक साल से पीछा कर रहा था, रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर था।
पुलिस से घिरने पर आरोपी ने अपनी कार में खुदकुशी कर ली।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के कैलिफोर्निया से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां सैक्रामेंटो शहर में एक भारतीय मूल की 38 वर्षीय महिला की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी पिछले एक साल से महिला को परेशान कर रहा था और उसके खिलाफ रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी लिया जा चुका था।
पूरे मामले को ऐसे समझिए कि शालीनी ठाकुर नाम की 38 वर्षीय महिला मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे सैक्रामेंटो के आर्डन-आर्केड इलाके में एक रेस्तरां के बाहर थीं। तभी 22 साल का एक युवक, जिसकी पहचान रोहित के रूप में हुई है, वहां पहुंचा और उसने शालीनी पर गोलियां चला दीं।
जान बचाने के लिए शालीनी की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जान बचाने के लिए शालीनी ने भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने भीड़ के सामने ही उनका पीछा किया और कई गोलियां मार दीं। जब वह जमीन पर गिर गईं, तो आरोपी ने पास जाकर उनके सिर में एक और गोली मार दी।
मौके पर पहुंचे मेडिकल स्टाफ ने शालीनी को मृत घोषित कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रोहित अपनी कार से फरार हो गया। पुलिस और शेरिफ विभाग ने उसकी तलाश शुरू की और हाईवे 50 पर उसकी गाड़ी को घेर लिया।
ड्राइवर सीट पर मृत पाया गया आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस के साथ जब उसका आमना-सामना हुआ, तो उसने हाईवे पर ही अपनी गाड़ी रोक दी। कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने हाईवे की सभी ईस्टबाउंड लेन बंद कर दीं। पुलिस ने बख्तरबंद गाड़ी से उसे घेरा, खिड़की तोड़ी और ड्रोन की मदद से अंदर जांच की।
इसके बाद आरोपी कार की ड्राइवर सीट पर मृत पाया गया। पुलिस के अनुसार, उसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, और पुलिस ने जवाबी फायरिंग नहीं की थी।
एक साल से कर रहा था स्टॉक
मामले में शालीनी की मां सुदेश कुमारी ने बताया कि आरोपी रोहित पिछले करीब एक साल से उनकी बेटी का पीछा कर रहा था और उन्हें प्रताड़ित कर रहा था। रोहित उससे शादी करना चाहता था, लेकिन उम्र के फासले और अन्य कारणों की वजह से शालीनी ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
मां ने रोते हुए बताया कि शालीनी उससे बेहद डरती थीं। घटना से ठीक एक घंटा पहले मां और बेटी की फोन पर बात हुई थी। शालीनी ने कहा था कि वह 15 मिनट में वापस कॉल करेंगी, लेकिन वह कॉल कभी नहीं आई। इसके बाद मां ने कई कॉल्स और व्हाट्सएप मैसेज भेजे, लेकिन जवाब नहीं आया।
कैसे शुरू हुआ था उत्पीड़न?
- कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, यह उत्पीड़न सितंबर 2025 के आसपास शुरू हुआ था और धीरे-धीरे और खतरनाक होता गया।
- शालीनी और रोहित की पहचान कथित तौर पर शालीनी के काम की जगह पर डोरडैश पिकअप के जरिए हुई थी।
- आरोपी ने शालीनी की गाड़ी के नीचे एप्पल एयरटैग छिपा दिया था ताकि वह उनकी हर गतिविधि पर नजर रख सके।
- वह घंटों शालीनी के घर के बाहर इंतजार करता था, उनकी कार के टायर की हवा निकाल देता था और उन पर दबाव बनाता था कि वे उससे शादी कर लें।
- एक बार तो आरोपी ने उनकी फ्लैट की चाबी की डुप्लीकेट कॉपी बनवा ली थी और शालीनी के सोते वक्त उनके घर में घुस गया था।
अदालत के आदेश की भी नहीं की परवाह
गौरतलब है कि इन हरकतों से परेशान होकर शालीनी ने अदालत से रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर ले लिया था, जिसे 19 मई को आरोपी को थमाया भी गया था। इसके बावजूद आरोपी बाज नहीं आया। उसने जुलाई के अंत में आदेश का उल्लंघन करते हुए शालीनी के घर के बाहर किराने का सामान लाकर रख दिया था।
