भारतीय मूल के व्यक्ति ने टेलर स्विफ्ट के पति को ठगा, अमेरिका में हुई 11 साल की जेल
भारतीय मूल के सिद्धार्थ जवाहर को अमेरिका में दर्जनों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के जुर्म में 11 साल की जेल हुई है।

भारतीय मूल के सिद्धार्थ जवाहर को अमेरिका में 11 साल की जेल।
HighLights
भारतीय मूल के सिद्धार्थ जवाहर को अमेरिका में 11 साल की जेल।
दर्जनों निवेशकों से 260 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।
ट्रेविस केल्से भी धोखाधड़ी के शिकार हुए, मुआवजा देने का आदेश।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका से एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भारतीय मूल के एक व्यक्ति को दर्जनों निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के जुर्म में 11 साल की लंबी जेल की सजा सुनाई गई है। इस ठगी के शिकार लोगों में अमेरिकी फुटबॉल स्टार और मशहूर गायिका टेलर स्विफ्ट के पति ट्रेविस केल्से भी शामिल हैं।
पूरे मामले को ऐसे समझिए कि 38 वर्षीय सिद्धार्थ जवाहर जो कि मूल रूप से भारतीय हैं। अमेरिकी अदालत ने उसे 11 साल की जेल की सजा सुनाई है और साथ ही ट्रेविस केल्से समेत अन्य निवेशकों को कुल करीब 260 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मामले में अदालत की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई कर रहे अमेरिकी जिला न्यायाधीश जैचरी एम. ब्लूस्टोन ने सजा सुनाते हुए कहा कि सिद्धार्थ द्वारा किए गए फ्रॉड में नुकसान बहुत बड़ा था और यह अपराध लंबे समय तक चला। जज ने एक पीड़ित की बात को दोहराते हुए कहा कि उसने निवेशकों के भरोसे को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
स्विफ्टार्क कैपिटल नामक कंपनी के सह-संस्थापक था जवाहर
बता दें कि सिद्धार्थ जवाहर टेक्सास स्थित 'स्विफ्टार्क कैपिटल' नामक निवेश कंपनी के सह-संस्थापक और प्रबंध साझेदार थे। उन्होंने एक पोंजी स्कीम के जरिए मिसौरी और अन्य राज्यों के कुल 64 निवेशकों को ठगा था।
मिली जानकारी के अनुसार साल 2015 में उसने ग्राहकों का पैसा 'फिलिप्स मॉरिस पाकिस्तान' (PMP) नामक एक ही जगह निवेश करना शुरू किया और देखते ही देखते 99% ग्राहकों का धन उसी में झोंक दिया। जब उस निवेश की वैल्यू गिरने लगी, तो उसने निवेशकों को सच बताने के बजाय यह झूठा दावा किया कि उन्हें भारी मुनाफा हो रहा है।
फर्जी वादे और पैसों का दुरुपयोग
इसके अलावा जवाहर ने निवेशकों से कहा कि उनका पैसा अलग-अलग चुनिंदा कंपनियों में लगाया जा रहा है, लेकिन असल में उसने कभी वो वादे पूरे नहीं किए। जुलाई 2016 से दिसंबर 2023 के बीच उसने निवेशकों से 35 मिलियन डॉलर से अधिक जुटाए, लेकिन निवेश सिर्फ 10 मिलियन डॉलर के करीब ही किया।
दूसरों के पैसों से जीता था आलीशान जीवन
नए निवेशकों से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल वह पुराने निवेशकों को भुगतान करने और अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में करता था। वह प्राइवेट जेट से यात्रा करता था, लग्जरी होटलों में रुकता था, ऑस्टिन और न्यूयॉर्क में शानदार अपार्टमेंट रखता था और महंगे रेस्तरां व क्लबों में पैसे उड़ाता था। इतना ही नहीं जब धोखाधड़ी का यह खेल पकड़ा गया और दिसंबर 2023 में उसे आरोपी बनाया गया, तो उसने बचने के लिए कई हथकंडे अपनाए।
उसने एक पीड़ित को एफबीआई (FBI) के सामने अपने पक्ष में अनुकूल बयान देने के लिए भड़काने की कोशिश की। जवाहर ने अपनी इमिग्रेशन स्थिति और वित्त को लेकर झूठ बोला। यहां तक कि उसने अपनी बहन से कहकर अपना आईफोन भी डेटा डिलीट करवाने की कोशिश की ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
अवैध रूप से अमेरिका में रह रहा था जवाहर
गौरतलब है कि इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि वह साल 2005 से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था। इस साल जनवरी में उसने तीन मामलों में धोखाधड़ी का अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था।
