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    प्रॉपर्टी टैक्स से बचने के लिए अमीर इंजीनियर ने बनाया 'घूमता-फिरता घर', 20 साल तक समुद्र पर रहकर बचाए करोड़ों

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 02:18 PM (IST)

    अमीर माइक्रोसॉफ्ट इंजीनियर चार्ल्स सिमोन्यी ने प्रॉपर्टी टैक्स और कड़े नियमों से बचने के लिए 20 साल तक अपनी सुपरयॉट 'स्कॉट' पर जीवन बिताया। ...और पढ़ें

    चार्ल्स सिमोन्यी का यॉट (फोटो-x/SuperYachtFan)

    चार्ल्स सिमोन्यी का यॉट (फोटो-x/SuperYachtFan)

    HighLights

    1. चार्ल्स सिमोन्यी ने प्रॉपर्टी टैक्स से बचने को यॉट पर बिताए 20 साल।

    2. उनकी सुपरयॉट 'स्काट' को नेवी का जहाज समझ लिया गया था।

    3. अमेरिका में वेल्थ टैक्स बहस के बीच उनकी रणनीति फिर चर्चा में।

    डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। दुनिया के सबसे अमीर लोग आजकल कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे ज्यादा टैक्स वाले राज्यों को छोड़कर फ्लोरडा और टेक्सास में बस रहे हैं। लेकिन दशकों पहले ही माइक्रोसॉफ्ट के लिए इंजीनियर ने टैक्स और कड़े नियमों से बचने का बिल्कुल अलग रास्ता खोज निकाला था। उन्होंने घर खरीदने के बजाय समुद्र पर तैरता हुआ घर बना लिया।

    ये इंजीनियर कोई और नहीं बल्कि चार्ल्स सिमोन्यी हैं। इन्हें माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल के चीफ आर्किटेक्ट के तौर पर जाना जाता है। फोर्ब्स के मुताबिक, सिमोन्यी की कुल संपत्ति करीब 7.2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 60 हजार करोड़ रुपये है।

    प्रॉपर्टी के झंझट से बचने के लिए बनवाई सुपरयॉट

    1990 के दशक में जब सिमोन्यी दुनिया भर में लग्जरी अपार्टमेंट देख रहे थे, तो उन्हें कई दिक्कतें आईं। मॉन्ट्रियल, मोंटे कार्लो और कोपेनहेगन में घर खरीदने पर भारी प्रॉपर्टी टैक्स, सख्त बिल्डिंग नियम और रखरखाव का खर्च आता था।

    इसका हल उन्होंने एक तैरते हुए घर में निकाला। उन्होंने जर्मन शिपयार्ड 'लुरसेन' से 'स्काट' नाम की 233 फीट यानी 71 मीटर लंबी सुपरयॉट बनवाई। इसे प्रोजेक्ट 9906 नाम से 2002 में उन्हें सौंप दिया गया। इसके बाद लगभग 20 साल तक सिमोन्यी हर साल 6 महीने इसी यॉट पर रहे और यहीं से काम भी किया।

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    यॉट को घर और ऑफिस दोनों की तरह इस्तेमाल किया गया। इसका सबसे फायदा ये था कि यॉट को कहीं भी ले जाया जा सकता था। इससे उन्हें क्षेत्रीय प्रॉपर्टी टैक्स और लोकल कानूनों से छुटकारा मिल गया। साथ ही दुनिया की सबसे महंगी वॉटरफ्रंट जगहों पर रहने का मौका भी मिला, जिन्हें जमीन पर खरीदना लगभग नामुमकिन था।

    सिमोन्यी ने खुद मजाक में कहा था कि उनकी यॉट ने उन्हें सबसे अच्छी रियल एस्टेट लोकेशन, सबसे बढ़िया बाथरूम और शानदार रेस्टोरेंट दिया, और वो भी बिना कोई म्युनिसिपल प्रॉपर्टी टैक्स दिए। ओस्लो, कोपेनहेगन और स्टॉकहोम जैसी जगहों पर वो अपनी यॉट को सीधे शाही महलों के बगल में डॉक कर देते थे।

    स्काट को समझ लिया था नेवी का जहाज

    चार्ल्स की स्कॉट दिखने में बाकी लग्जरी यॉट से बिल्कुल अलग थी। सिमोन्यी को गोल-मटोल यॉट पसंद नहीं थीं। उन्हें लगता था, वो नरम चीज से तराशी गई, लगती हैं। इसलिए उन्होंने मशहूर डिजाइनर एस्पेन ओइनो से कहा कि ऐसी यॉट बनाओ जो असली स्टील के जहाज जैसी लगे।

    उनकी डिमांड को ध्यान में रखते हुए ग्रे रंग की सपाट और तीखे किनारों वाली यॉट को डिजाइन किया गया। जिस पर मिलिट्री स्टाइल में 9906 लिखा था। ये इतनी ज्यादा नेवी जहाज जैसी दिखती थी कि एक बार एक असली वॉरशिप को पोर्ट में घुसने में देरी हो गई, क्योंकि अधिकारियों को लगा ये कोई अनजान मिलिट्री जहाज है।

    बाहर से इंडस्ट्रियल दिखने वाली इस यॉट के अंदर एक आर्ट गैलरी थी। यहां रॉय लिक्टेंस्टीन और विक्टर वासरेली जैसे कलाकारों की पेंटिंग और महंगी एग चेयर्स लगी थीं। इसमें हैलीपेड भी था और ये 15 नॉट्स यानी 27.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती थी।

    सिमोन्यी ने इसे बेहद शांत रखने के लिए खास तकनीक लगवाई। इंजन और जनरेटर को शॉक माउंट्स पर रखा गया ताकि आवाज न हो। चलते समय मालिक के कमरे में शोर सिर्फ 34 डेसिबल था, जो एक शांत गली से भी कम है।

    टैक्स की बहस में चर्चा में आया मामला

    सिमोन्यी का ये घूमता-फिरता लाइफस्टाइल आजकल फिर चर्चा में है। 2026 में अमेरिका में वेल्थ टैक्स को लेकर बहस चल रही है। कैलिफोर्निया में 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा संपत्ति वालों पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। अगर ये लागू हुआ तो सरकार को 100 बिलियन डॉलर मिल सकते हैं। लेकिन आलोचकों का कहना है कि अमीर लोग टैक्स से बचने के लिए राज्य छोड़ देंगे।

    न्यूयॉर्क में भी ऐसी ही बात हो रही है। न्यूयॉर्क के मेजर जोहरान ममदानी वेल्थ टैक्स के समर्थन में हैं। ऐसे में सिमोन्यी का दशकों पुराना फॉर्मूला नए सिरे से प्रासंगिक लग रहा है।

    अंतरिक्ष से लेकर नई यॉट का सफर

    टेक्नोलॉजी के साथ-साथ सिमोन्यी को नई चीजें आजमाने का शौक भी है। वो 2007 और 2009 में दो बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए। इस तरह वो स्पेस में दो बार जाने वाले पहले टूरिस्ट बने। इन दोनों यात्राओं पर करीब 60 मिलियन डॉलर खर्च हुए।

    2021 में उन्होंने स्कॉट को बेच दिया। लेकिन जमीन पर घर नहीं बसाया। इसके बजाय उन्होंने नॉर्न नाम की एक और बड़ी यॉट खरीद ली। ये 295 फीट लंबी है और इसकी कीमत करीब 250 मिलियन डॉलर बताई जाती है। इसे भी एस्पेन ओइनो ने ही डिजाइन किया है।