एपस्टीन फाइल्स को संभालने में ट्रंप प्रशासन से हुई बड़ी चूक, जेडी वेंस के नए दावों के मायने क्या?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्वीकार किया कि ट्रंप प्रशासन से एपस्टीन फाइलों को जनता के सामने लाने में गंभीर चूक हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ...और पढ़ें

जेफरी एपस्टीन को लेकर जेडी वेंस का बड़ा दावा।
HighLights
जेडी वेंस ने एपस्टीन फाइलों को संभालने में चूक मानी।
एपस्टीन के मोसाद और सीआईए से संबंध होने का दावा।
ट्रंप प्रशासन ने जानबूझकर कुछ नहीं छिपाया, वेंस का स्पष्टीकरण।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। कुख्यात देह व्यापारी जेफरी एपस्टीन की गुप्त फाइलों को लेकर पिछले कई महीनों से पूरी दुनिया में सनसनी फैली हुई है। इन फाइलों से हो रहे नए-नए खुलासे, रसूखदार नाम और उठते अनसुलझे सवाल लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। ऐसे में अब इस मामले में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने अमेरिकी राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है।
जेडी वेंस ने एक मशहूर पॉडकास्ट में न सिर्फ खुले तौर पर यह स्वीकार किया कि ट्रंप प्रशासन से इन संवेदनशील फाइलों को जनता के सामने लाने और उससे जुड़ी जानकारियों को संभालने में बेहद गंभीर चूक हुई, बल्कि उन्होंने एक ऐसा दावा भी कर दिया जिसने खुफिया एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोसाद और सीआईए को लेकर क्या दावा किया?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने सीधे तौर पर अंदेशा जताया है कि एपस्टीन के तार इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' और अमेरिका की 'सीआईए' जैसी बेहद ताकतवर वैश्विक एजेंसियों से जुड़े हो सकते हैं। एपस्टीन फाइल्स को लेकर जारी अनिश्चिताओं के बीच उपराष्ट्रपति के इस कबूलनामे और दावों ने अब दुनिया भर की जांच एजेंसियों को इस मामले को एक नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया है।
इस पूरे मामले को ऐसे समझिए कि पॉडकास्ट के होस्ट जो रोगन ने जब जेडी वेंस से इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़े दावों पर सवाल पूछा, तो वेंस ने कहा कि हां, मोसाद या सीआईए (CIA) या कोई और डीप स्टेट। हालांकि उन्होंने इसका कोई सीधा सबूत नहीं दिया, लेकिन उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यह साफ है कि एपस्टीन के संबंध अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों के सबसे ऊंचे स्तरों तक थे।
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'हमसे गलती हुई, लेकिन कुछ छुपाया नहीं गया'
जब जेडी वेंस से पूछा गया कि क्या इन फाइलों को छुपाने के लिए कोई बाहरी दबाव था, तो उन्होंने साफ इंकार किया। वेंस ने कहा कि मैं पूरी ईमानदारी से कह रहा हूं कि हमने एपस्टीन फाइलों के कम्युनिकेशन्स को संभालने में बड़ी गलती की।
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि हम कुछ छुपाना चाहते थे? नहीं। हमें शुरुआत में ही सब कुछ एक साथ जनता के सामने रख देना चाहिए था, ताकि कोई भ्रम या कंफ्यूजन न फैलता।
पाम बोंडी के बयानों पर फोड़ा ठीकरा
जेडी वेंस ने इस पूरे भ्रम का जिम्मेदार उस समय की अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के बयानों को ठहराया। पाम बोंडी ने बयान दिया था कि एपस्टीन के 'क्लाइंट्स की लिस्ट' उनके डेस्क पर है। वेंस ने कहा कि पाम का इरादा गलत नहीं था, लेकिन उन्होंने जरूरत से ज्यादा बड़ा दावा कर दिया था, जबकि सरकार के पास असल में वैसा कुछ नहीं था।
उन्होंने फरवरी 2025 में कुछ प्रभावशाली लोगों को बांटे गए 'द एपस्टीन फाइल्स- फेज 1' नाम के बाइंडर्स का भी जिक्र किया और कहा कि उसमें कुछ भी नया नहीं था, जिससे लोगों का भरोसा और उठ गया। इसके साथ ही अंत में वेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि अगर ट्रंप इन फाइलों को छुपाना चाहते, तो वह संसद को न्याय विभाग पर फाइलें जारी करने का दबाव बनाने से रोक सकते थे।
अब समझिए कौन था जेफ्री एपस्टीन?
गौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी रईस था, जिस पर ऊंचे रसूख वाले लोगों के लिए लड़कियों की अवैध खरीद-फरोख्त और साजिश रचने के गंभीर आरोप थे।
जुलाई 2019 में गिरफ्तारी के बाद, मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही न्यूयॉर्क की एक जेल में उसकी मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया था। अमेरिकी संसद के आदेश के बाद दिसंबर से न्याय विभाग एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज, कॉल लॉग और तस्वीरें लगातार सार्वजनिक कर रहा है।