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अमेरिका में परमाणु ईंधन बना डिफेंस की प्राथमिकता, यूरेनियम का प्रोडक्शन 3 गुना बढ़ाया

Updated: Sun, 30 Aug 2026 08:09 PM (IST)

अमेरिका ने 2025 में यूरेनियम उत्पादन में तीन गुना से अधिक की वृद्धि की है, जो 2017 के बाद का ...और पढ़ें

अमेरिका में परमाणु ईंधन बना डिफेंस की प्राथमिकता(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका में परमाणु ईंधन बना डिफेंस की प्राथमिकता(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। घरेलू परमाणु ईंधन आपूर्ति को सशक्त बनाने के प्रयासों के बीच वर्ष 2025 में अमेरिका के यूरेनियम उत्पादन में तीन गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। देश अपनी ऊर्जा और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है, जिससे यह 2017 के बाद से उत्पादन के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अमेरिकी यूरेनियम खदानों ने 21 लाख पाउंड यूरेनियम कॉन्संट्रेट का उत्पादन किया। यह आंकड़ा 2024 में हुए 657,000 पाउंड के उत्पादन की तुलना में एक बड़ी वृद्धि को दर्शाता है।

इस दौरान देश भर में यूरेनियम की खोज और विकास से जुड़ी ड्रिलिंग गतिविधियों में भी काफी तेजी आई है, जो घरेलू खनन क्षेत्र में लौट रही नई सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।

विदेशी आपूर्ति पर भारी निर्भरता

घरेलू उत्पादन में इस तेज बढ़ोतरी के बावजूद अमेरिका अभी भी अपनी यूरेनियम जरूरतों के लिए काफी हद तक विदेशी स्रोतों पर निर्भर है। वर्ष 2025 में अमेरिकी परमाणु ऑपरेटरों ने कुल 46.9 मिलियन पाउंड यूरेनियम कॉन्संट्रेट के समकक्ष खरीदारी की। इस विशाल मांग के मुकाबले अमेरिकी रिएक्टरों तक पहुंचे कुल यूरेनियम में घरेलू उत्पादन की हिस्सेदारी मात्र 7 प्रतिशत ही रही।

इस भारी अंतर से यह स्पष्ट होता है कि वाशिंगटन के सामने कितनी बड़ी चुनौती खड़ी है। वर्तमान में अमेरिका की अधिकांश आपूर्ति अब भी विदेशों से पूरी होती है, जिनमें कनाडा, कजाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं की सूची में सबसे ऊपर हैं।

संवर्धन और ईंधन श्रृंखला की चुनौतियां

परमाणु ईंधन श्रृंखला में आगे बढ़ने पर यह विदेशी निर्भरता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। खदानों से निकाले गए यूरेनियम कॉन्संट्रेट को सीधे तौर पर अधिकांश परमाणु रिएक्टरों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसे उपयोग के लायक बनाने से पहले रासायनिक कन्वर्जन और एनरिचमेंट की जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।

संवर्धित यूरेनियम का उपयोग अमेरिकी नौसेना की परमाणु पनडुब्बियों और विमानवाहक पोतों को ऊर्जा देने के लिए किया जाता है, इसलिए देश के परमाणु बेड़े के निर्बाध संचालन के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और बड़े निवेश की घोषणा

वर्षों से लगातार घटती क्षमता के बाद अब अमेरिका अपनी घरेलू यूरेनियम संवर्धन क्षमताओं को फिर से खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। गवर्नमेंट एकाउंटेबिलिटी ऑफिस(जीएओ) की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि वर्ष 2013 के बाद से अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन की क्षमता का अभाव रहा है, जिसके चलते देश को अपने मौजूदा भंडार पर निर्भर रहना पड़ा।

इस स्थिति से निपटने के लिए वॉशिंगटन ने बड़े निवेश की रणनीति अपनाई है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने जनवरी 2026 में घरेलू यूरेनियम संवर्धन क्षमता का विस्तार करने के लिए 2.7 बिलियन डॉलर के वित्तपोषण की घोषणा की, जो विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता घटाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

अमेरिकी सेना के लिए सामरिक महत्व

अमेरिकी सेना और रक्षा विभाग के लिए इस परमाणु आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना प्रत्यक्ष रूप से रणनीतिक महत्व रखता है। यूरेनियम उत्पादन और उसकी संवर्धन क्षमता तक मजबूत घरेलू पहुंच सुनिश्चित होने से देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम, नौसेना के विमानवाहक पोतों और पनडुब्बियों की दीर्घकालिक ईंधन जरूरतें सुरक्षित रहेंगी।

इसके साथ ही, खुद को आत्मनिर्भर बनाने से अमेरिका वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आने वाले किसी भी तरह के व्यवधान के जोखिम से भी सुरक्षित हो सकेगा।

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