'अमेरिका जीतेगा, हारेगा ईरान का आतंकवादी शासन...', व्हाइट हाउस ने जारी किया Iran पर हमले का वीडियो
व्हाइट हाउस ने रिपब्लिकन सांसदों को बताया कि 'अमेरिका जीतेगा' और 'ईरानी आतंकवादी शासन पराजित होगा'। राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईर ...और पढ़ें

ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान शुरू करने के फैसले की जानकारी दी

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। व्हाइट हाउस ने रिपब्लिकन सांसदों से कहा कि 'अमेरिका जीतेगा' और 'ईरानी आतंकवादी शासन पराजित होगा', साथ ही उसने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान शुरू करने के फैसले की जानकारी दी।
सांसदों को जारी किए गए आठ पेज के दिशानिर्देश में प्रशासन ने कहा कि ट्रंप ने स्पष्ट लक्ष्यों के साथ ईरानी शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान का आदेश दिया है। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरानी शासन के आतंकवादी सहयोगी अब क्षेत्र या दुनिया को अस्थिर न कर सकें और हमारी सेनाओं पर हमला न कर सकें और यह गारंटी देना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त न कर सके।
OPERATION EPIC FURY:
— The White House (@WhiteHouse) March 3, 2026
1. Destroy the Iranian regime's missiles
2. Annihilate their Navy
3. Ensure their terrorist proxies can no longer destabilize the world
4. Ensure Iran can NEVER obtain a nuclear weapon
America will win. The terrorist Iranian regime will be defeated. pic.twitter.com/OxirjXAgGH
ट्रंप ने गिनाए उद्देश्य
इसके साथ ही उनकी मिसाइलों को नष्ट करना, उनके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह से ध्वस्त करना और उनकी नौसेना का सफाया करना भी अभियान का उद्देश्य है। इस कार्रवाई को लंबे समय से अपेक्षित बताते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को आतंकवादियों को मार गिराने और अंतत: वह साहस दिखाने के लिए बधाई दी जानी चाहिए, जो लगभग 50 वर्षों से सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने सोचा तो था लेकिन उसे अंजाम देने में असफल रहे।
इस दिशा-निर्देश में तर्क दिया गया है कि ईरान अमेरिका के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इसमें कहा गया है कि ईरान 47 वर्षों से अमेरिका को नष्ट करने और अमेरिकी जनता को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा है और तेहरान को दुनिया में आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक देश बताया गया है।
दस्तावेज में कहा गया है कि ट्रंप ने पहले बातचीत के जरिए समझौता करने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान ने महीनों की व्यापक बातचीत और सद्भावनापूर्ण प्रयासों के बावजूद समझौता करने से इन्कार कर दिया था।
(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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