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    'जहाज में ईरान के लिए तोहफा नहीं...', चीन ने अमेरिका के आरोपों को किया खारिज

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 08:34 PM (IST)

    चीन ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा जब्त किए गए जहाज में ईरान के लिए तोहफा या मिसाइल रसायन होने के अमेरिकी आरोपों को खारिज किया है। ...और पढ़ें

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    चीन ने अमेरिका के आरोपों को किया खारिज। (रॉयटर्स)


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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीन ने एक बार फिर इस बात इनकार किया है कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा जब्त किए गए एक जहाज में बीजिंग की ओर से ईरान के लिए कोई तोहफा था। यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आरोप लगाने के एक दिन बाद आई है।

    उनकी यह टिप्पणी तब आई जब यूएन में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने एक्स पर लिखा कि यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और इसका संबंध मिसाइलों के लिए केमिकल शिपमेंट से था।

    चीन किसी भी दुर्भावनापूर्ण अटकलों का विरोध करता है- जियाकुन

    मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में हेली के आरोपों का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि यह जहाज एक विदेशी कंटेनर जहाज था और चीन किसी भी दुर्भावनापूर्ण जुड़ाव और अटकलों का विरोध करता है। उन्होंने कहा कि एक बड़े और जिम्मेदार देश के तौर पर, चीन हमेशा अपने उचित अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने में एक अच्छा उदाहरण पेश किया है।

    निक्की हेली ने चीन पर लगाए गंभीर आरोप

    निक्की हेली ने कहा कि चीन का यह रवैया वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। उनके अनुसार, अगर चीन इस तरह ईरान का समर्थन करता रहा, तो इससे मध्य-पूर्व में अस्थिरता और बढ़ सकती है। उन्होंने अमेरिका से इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की मांग की।

    अमेरिका ने हाल ही में एक जहाज को जब्त किया है, जो कथित तौर पर ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के लिए रसायनों की आपूर्ति से जुड़ा हुआ था। इस जहाज के चीन से संबंध होने की बात भी सामने आई है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

    ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों की चिंता

    इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और चीन के बीच पहले से चल रहे तनाव में और इजाफा हो सकता है। वहीं, ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक भू-राजनीति को और जटिल बना सकती हैं। अमेरिका पहले ही ईरान पर कई प्रतिबंध लगा चुका है, और अब इस नए मामले के बाद कूटनीतिक टकराव तेज होने की आशंका जताई जा रही है।

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