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अमेरिका पढ़ने जाने से पहले चीनी छात्रों को दी जा रही स्पेशल ट्रेनिंग, रेड और अपहरण की मॉक ड्रिल में ले रहे हिस्सा

Updated: Wed, 26 Aug 2026 11:36 PM (IST)

चीन के कुछ निजी समर कैंप अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों के साथ मुठभेड़ की मॉक ड्रिल कर रहे हैं। इसमें नकली इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) रेड भी शामिल हैं।

अमेरिका पढ़ने जाने से पहले चीनी छात्रों को दी जा रही स्पेशल ट्रेनिंग

अमेरिका पढ़ने जाने से पहले चीनी छात्रों को दी जा रही स्पेशल ट्रेनिंग

HighLights

  1. ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर निगरानी बढ़ा दी 

  2. चीन के कुछ निजी समर कैंप मॉक ड्रिल की तैयारी करा रहे हैं

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने जाने वाले ज्यादातर चीनी किशोरों के लिए प्रस्थान से पहले के महीने कपड़े पैक करने, लैपटॉप खरीदने और परिवार से विदाई लेने के होते हैं। लेकिन कुछ छात्र अब यह भी सीख रहे हैं कि अगर सशस्त्र लोग उनके कमरे में घुस आएं तो क्या करें।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कुछ निजी समर कैंप अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों के साथ मुठभेड़ की मॉक ड्रिल कर रहे हैं। इसमें नकली इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) रेड भी शामिल हैं।

छात्रों को साफ संदेश दिया जा रहा है कि अमेरिका पहुंचने के बाद सिर्फ पढ़ाई और सांस्कृतिक झटके के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनिश्चित और कठोर आव्रजन प्रणाली के लिए भी तैयार रहना होगा।

यह असामान्य प्रशिक्षण दर्शाता है कि कुछ चीनी परिवार अमेरिकी उच्च शिक्षा को लेकर अपना नजरिया बदल रहे हैं। दशकों तक अमेरिकी विश्वविद्यालय में दाखिला अकादमिक सफलता का प्रतीक माना जाता था। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त आव्रजन अभियान के बीच अब कुछ माता-पिता इसे सुरक्षा जोखिम भी मानने लगे हैं।

अमेरिका में सुरक्षा और आव्रजन नियम

ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर निगरानी बढ़ा दी है, वीजा जांच कड़ी की है और आव्रजन अधिकारियों को कार्रवाई करने में आसानी दी है।

2025 में प्रशासन ने स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इंफॉर्मेशन सिस्टम (एसईवीआईएस) में हजारों छात्र रिकॉर्ड समाप्त करने की कोशिश की, जिससे मुकदमे और कैंपस पर व्यापक चिंता पैदा हुई। बाद में कई छात्रों के रिकॉर्ड बहाल किए गए, लेकिन व्यक्तिगत वीजा रद्दीकरण पर अड़ियल रुख बरकरार रखा गया।

प्रशासन ने चीनी छात्रों के वीजा पर और सख्ती की घोषणा की। कुछ चीनी छात्रों के वीजा आक्रामक तरीके से रद्द करने और चीन व हांगकांग से आने वाले आवेदनों की जांच बढ़ाने की बात कही गई। सोशल मीडिया की जांच भी बढ़ाई गई है।

2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिकी संस्थानों में 2,65,919 चीनी छात्र नामांकित थे। चीनी और भारतीय छात्र मिलकर कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों का 53 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। लेकिन चीनी छात्र आव्रजन और अमेरिका-चीन राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिस्पर्धा दोनों के केंद्र में हैं।

वाशिंगटन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, जासूसी और बौद्धिक संपदा को लेकर चिंता जताता रहा है, जबकि बीजिंग अमेरिकी कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताता है।

2025 में चीनी आवेदकों को जारी एफ-1 छात्र वीजा की संख्या में तेज गिरावट आई। एक विश्लेषण के अनुसार, मई से अगस्त 2025 के बीच जारी वीजा 2017 की समान अवधि की तुलना में 46 प्रतिशत कम रहे।

सोशल मीडिया और डर

वीजा जांच के माहौल में छात्र सोशल मीडिया पर सतर्क हो गए हैं। कई छात्र पुराने पोस्ट डिलीट कर रहे हैं, राजनीतिक अकाउंट अनफॉलो कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कोई चुटकुला या राय वीजा खतरे में डाल सकती है।

रिपोर्टेड ट्रेनिंग कैंप में अपहरण ड्रिल भी शामिल हैं। ये आव्रजन कानून से ज्यादा इस डर को दर्शाते हैं कि बच्चे अपरिचित देश में असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।