जापान में शाही परिवार के केवल पुरुष ही बन सकते हैं सम्राट, कानून पारित
जापान की संसद ने 19वीं सदी के शाही परिवार कानून में संशोधन कर यह स्पष्ट किया है कि केवल पुरुष उत्तराधिकारी ही सम्राट बन सकते हैं। ...और पढ़ें

HighLights
जापान संसद ने शाही परिवार कानून में संशोधन पारित किया।
अब केवल पुरुष उत्तराधिकारी ही सम्राट बन सकेंगे।
शाही परिवार के भविष्य और सदस्यों पर चिंता बढ़ी।
डिजिटल डेस्क, टोक्यो। जापान की संसद ने शुक्रवार को 19वीं सदी के शाही परिवार कानून में ऐतिहासिक संशोधन पारित किया। इस संशोधन में यह स्पष्ट किया गया है कि शाही परिवार के केवल पुरुष उत्तराधिकारी ही सम्राट बन सकते हैं। इससे यह आशंका पैदा हुई है कि पहले से सिकुड़ रहे शाही परिवार का भविष्य संकट में पड़ सकता है।
संसद की ओर से पारित संशोधन में भविष्य के लिए उत्तराधिकारी बनाने की खातिर दूर के पुरुष रिश्तेदारों को गोद लेना और राजकुमारियों को आम लोगों से शादी करने के बाद भी अपना शाही दर्जा बनाए रखने की अनुमति देना शामिल है।
शाही मामलों पर नजर रखने वाले लोगों और विशेषज्ञों को आशंका है कि नए नियमों से 1500 साल पुरानी वंशानुगत संस्था समाप्त हो सकती है, क्योंकि इनमें जोर दिया गया है कि केवल पुरुष उत्तराधिकारी ही सम्राट बन सकते हैं। इससे तेजी से सिकुड़ते शाही परिवार और उसके बुजुर्ग होते सदस्यों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
राजकुमारी आइको काफी लोकप्रिय, पर नहीं बन सकेंगी उत्तराधिकारी
मौजूदा 66 वर्षीय सम्राट नारुहितो की 24 साल की बेटी राजकुमारी आइको काफी लोकप्रिय हैं और कई जापानी चाहते हैं कि वह उनकी उत्तराधिकारी बनें, लेकिन महिला होने के कारण राजकुमारी इसके लिए पात्र नहीं हैं।
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जापान में उत्तराधिकार के लिए केवल पुरुषों को ही चुने जाने का मतलब है कि सम्राट के छोटे भाई और उनके 19 वर्षीय भतीजे राजकुमार हिसाहितो उत्तराधिकार की कतार में होंगे। उनके बाद इस क्रम में सम्राट के 90 वर्षीय चाचा आते हैं।
शाही परिवार में चार दशक में केवल एक लड़के का जन्म
शाही परिवार में लड़कों को बहुत अहमियत दी जाती है और हिसाहितो पिछले चार दशक में पैदा होने वाले इकलौते लड़के हैं। शाही परिवार के 16 वयस्क सदस्यों में केवल पांच पुरुष हैं और परिवार में कोई बच्चा नहीं है।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)