ईरान में बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास हमला, 211 मरीज सुरक्षित निकाले गए; भड़के Iran ने दी अमेरिका को चेतावनी
ईरान ने अमेरिका पर देश के दक्षिण-पश्चिम में एक कैंसर अस्पताल के पास हवाई हमले का आरोप लगाया है, जिससे 211 मरीजों को आनन-फानन में सुरक्षित निकालना पड़ा ...और पढ़ें
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ईरान में बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास अमेरिका का हमला(फोटो: सोशल मीडिया)
HighLights
अमेरिका पर कैंसर अस्पताल के पास हवाई हमले का आरोप।
211 मरीज सुरक्षित निकाले गए, ईरान ने दी जवाबी चेतावनी।
क्षेत्र में तनाव बढ़ा, वैश्विक तेल बाजार प्रभावित।
डिजिटल डेस्क, तेहरान। पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। ईरान ने गुरुवार को संयुक्त राज्य अमेरिका पर देश के दक्षिण-पश्चिम में एक कैंसर अस्पताल के पास हवाई हमले करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद अस्पताल को खाली कराना पड़ा।
ईरान ने इसे एक बर्बर हमला करार दिया है। इसके साथ ही तेहरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वाशिंगटन ने ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, तो जवाब में ईरान पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को तबाह कर देगा।
कैंसर अस्पताल के पास हमले से मचा हड़कंप
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि इन हवाई हमलों के कारण कीमोथेरेपी करा रहे 211 मरीजों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। उन्होंने अमेरिका पर नागरिकों की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया।
बकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह बर्बर हमला स्वास्थ्य सुविधाओं पर इजरायल द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों की याद दिलाता है। इसने अस्पताल में भर्ती मासूम बच्चों को अत्यधिक पीड़ा और मानसिक तनाव में डाल दिया है।
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ईरानी सेना की गंभीर जवाबी चेतावनी
तनाव बढ़ने के साथ ही ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करने की अपनी धमकियों को हकीकत में बदला, तो ईरान के सशस्त्र बलों के फौलादी प्रहारों के नीचे इस पूरे क्षेत्र के सभी बुनियादी ढांचे को कुचल दिया जाएगा।
इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संकट और गहरा गया है, जहां ईरान ने अमेरिकी नियंत्रण वाले शिपिंग कॉरिडोर का उपयोग करने वाले जहाजों पर अपने हमले जारी रखे हैं। वाशिंगटन ने बलपूर्वक इस जलमार्ग को दोबारा खोलने की धमकी दी है, हालांकि सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की आवश्यकता होगी।
इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जो संघर्ष शुरू होने से पहले की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक है।
इस बीच, ईरान ने गुरुवार को अमेरिकी सैन्य बलों की मेजबानी करने वाले देशों बहरीन, जॉर्डन और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए हैं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
इराक में भी हुआ ड्रोन हमला
दूसरी तरफ, इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने उत्तरी शहर इरबिल में रात में हुए एक ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। विशेष बात यह है कि यह घटना उनकी अमेरिका यात्रा के दौरान हुई, जहां उन्होंने ईरान समर्थित समूहों सहित अन्य गैर-राज्य सशस्त्र गुटों को निशस्त्र करने के प्रयासों का संकल्प लिया था।
सैन्य मोर्चे पर बढ़ते तनाव के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को पेंसिल्वेनिया में यूएस आर्मी वॉर कॉलेज में एक बयान के दौरान कहा कि ईरान अब भी बातचीत के लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें वह पसंद नहीं आ रहा है जो हम कर रहे हैं, और वे समझौता करना चाहते हैं। हम यह देखेंगे कि हमारा उनके साथ कोई समझौता होता है या फिर हम इसे पूरी तरह से खत्म करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस लड़ाई को रोकने के प्रयास अब तक बेअसर रहे हैं। पाकिस्तान ने कहा है कि वह वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत की राह आसान करने के प्रयास जारी रख रहा है, हालांकि अधिकारियों ने स्वीकार किया कि राजनयिक प्रयास अब बेहद कठिन होते जा रहे हैं।
ईरान ने अमेरिकी नागरिक को किया रिहा
ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि ईरान ने सद्भावना के तौर पर साल 2024 से हिरासत में लिए गए एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया है।
बाद में मानवाधिकार वकील जेरेड गेंसर ने उस व्यक्ति की पहचान डीना करारी के रूप में की, जो एक अमेरिकी-ईरानी नागरिक हैं और जिन पर जासूसी के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, रिपोर्ट लिखे जाने तक ईरानी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर उनकी रिहाई की पुष्टि नहीं की थी।