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    जॉर्डन में ईरान का बड़ा हमला, अमेरिका के कई लड़ाकू विमान तबाह करने का दावा

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 03:55 PM (IST)

    ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला करने का दावा किया है, जो अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई है ...और पढ़ें

    ईरान का जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान तबाह करने का दावा(फोटो: रॉयटर्स)

    ईरान का जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान तबाह करने का दावा(फोटो: रॉयटर्स)

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    डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान ने जॉर्डन में तैनात कई अमेरिकी सैन्य विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला करने का दावा किया है। यह कार्रवाई ईरान में कई स्थानों पर रात भर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है, जिनमें कम से कम आठ लोगों की जान गई थी।

    यह घटना जॉर्डन की सेना के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि उसने तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है, हालांकि जॉर्डन ने किसी हताहत या नुकसान की सूचना नहीं दी है। इस बीच मध्य पूर्व में युद्ध और तेज हो गया है।

    एक बयान में, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने कई अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमानों और लड़ाकू जेट्स को नष्ट कर दिया है और कई अन्य को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने जॉर्डन वासियों से अपने देश में मौजूद आक्रामक और इस्लाम विरोधी अमेरिकियों के हितों को निशाना बनाने का भी आह्वान किया।

    खाड़ी देशों को भी बनाया गया निशाना

    मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि उन्होंने ईरानशहर में ईरानी सैनिकों की हत्या के जवाब में सीरिया के अल-तंफ में एक अमेरिकी विशेष अभियान कमान केंद्र पर भी हमला किया है। सीरियाई सरकार या अमेरिकी सेना की ओर से भी तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।

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    अमेरिकी सेना ने इसी साल फरवरी में कहा था कि उसने सीरिया, जॉर्डन और इराक के त्रिकोणीय सीमा संगम पर स्थित अल-तंफ बेस से अपनी वापसी पूरी कर ली है।

    सीरिया उस क्षेत्रीय संघर्ष में घसीटे जाने से बचने की कोशिश कर रहा है जिसने लेबनान और इराक सहित कई पड़ोसी देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। लेबनान में हिजबुल्लाह ने इजरायली सेना से लड़ाई लड़ी है, जबकि इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों ने ड्रोन और रॉकेट हमले किए हैं।

    इराक के उत्तरी अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र इरबिल और सुलेमानिया में भी धमाके सुने गए, जहां हवाई रक्षा प्रणालियों ने आने वाले हमलों को हवा में ही निशाना बनाया। सुरक्षा कारणों से नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि यह हमला जाहिरा तौर पर ईरानी कुर्द असंतुष्ट समूह कोमाला को लक्षित कर किया गया था, जिसमें कम से कम नौ लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। ईरान ने तुरंत इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन वह अतीत में भी कोमाला को निशाना बना चुका है।

    तेहरान ने मध्य पूर्व में कतर सहित अमेरिका के अन्य सहयोगी देशों के खिलाफ भी नए मिसाइल हमले शुरू किए और कुवैत में एक बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र को नुकसान पहुंचाया, जो इस छोटे से रेगिस्तानी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

    युद्ध का बढ़ता दायरा

    पिछले महीने जिस अंतरिम संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी, वह अब विफल हो गया है। जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के लिए अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस लड़ाई के कारण यह पूरा क्षेत्र कई दिनों से लगातार जवाबी हमलों का सामना कर रहा है।

    अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हवाई हमलों के अभियान का विस्तार किया है। इसके तहत अधिक पुलों और बिजली उपकरणों को निशाना बनाया गया है और एक प्रमुख ईरानी बंदरगाह पर एक टावर को ढहा दिया गया है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उन धमकियों का हिस्सा है, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान की पकड़ को कमजोर करने के लिए ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमला शुरू करने की बात कही गई थी।

    ईरान के तटीय शहरों पर अमेरिकी बमबारी

    ईरान के भीतर, दक्षिणी तटीय शहर और द्वीप अमेरिकी गोलाबारी की चपेट में आ गए हैं। अहवाज, केशम, बुशहर, दश्ती, बोस्तान, सिरीक और बंदर-ए लेंगह में विस्फोटों की सूचना मिली है, जिससे पिछली रातों की तुलना में बुनियादी ढांचे को अधिक व्यापक नुकसान पहुंचा है। बंदर-ए-खमीर में शहर के पास तीन पुलों पर हमला किया गया, जबकि बंदर अब्बास में तपेह अल्लाह अकबर इलाके के साथ-साथ कई अन्य स्थानों को निशाना बनाया गया।

    ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि होर्मोजगान प्रांत में सड़क और रेलवे के बुनियादी ढांचे को लक्षित किया गया, जिसमें कम से कम सात लोग मारे गए। ईरानशहर में एक हवाई अड्डे पर हमला किया गया, जिससे सुविधा को नुकसान पहुंचा और बिजली गुल हो गई।

    अल जजीरा के अनुसार, किश द्वीप पर हवाई हमलों की सूचना मिली है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बिजली कटौती हुई। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोग मारे गए हैं और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। शुक्रवार के हमलों में भी कई नए हताहतों की सूचना मिली है।

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