खाड़ी देशों में गूंजे धमाके: लेबनान में इजरायल की जमीनी कार्रवाई शुरू, ईरान ने अमेरिकी दूतावास उड़ाया; भीषण बमबारी जारी
इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में राष्ट्रपति कार्यालय और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की इमारत समेत ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर भीषण हवाई ...और पढ़ें

लेबनान में इजरायल ने शुरू की जमीनी कार्रवाई, ईरान ने अमेरिकी दूतावास उड़ाया (फोटो- रॉयटर)
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध चौथे दिन मंगलवार को और भी भयावह हो गया। युद्ध की आग लेबनान तक फैल चुकी है। इजरायल ने ईरान के समर्थन में उतरे हिजबुल्ला पर कार्रवाई करते हुए लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू कर दिया।
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त जमीनी सैनिक भेजे और हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए, जिसमें 40 लोगों के मारे जाने की खबर है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि ईरान के खिलाफ जमीनी सैन्य अभियान छेड़ा जा सकता है।
ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर भीषण हवाई हमले तेज
इधर, इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में राष्ट्रपति कार्यालय और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की इमारत समेत ईरान के कई सैन्य और परमाणु ठिकानों पर भीषण हवाई हमले तेज कर दिए। तेहरान में असेंबली बि¨ल्डग पर भी हमला हुआ, जहां देश का सुप्रीम लीडर चुनने के लिए बैठक होने वाली थी।
ईरान ने अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी
वहीं, ईरान ने अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी। इजरायल के अलावा सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद वाशिंगटन ने खाड़ी के 12 देशों से अपने कर्मचारियों को सपरिवार देश छोड़ने का आदेश दिया।
ईरानी हमलों में अब तक छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसायटी के अनुसार, इजरायल-अमेरिका के हमलों में ईरान में 800 लोग मारे जा चुके हैं।
ईरान के खिलाफ संघर्ष ज्यादा दिन नहीं चलेगा- नेतन्याहू
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटामिक एनर्जी एजेंसी (आइएईए) ने पुष्टि कर दी है कि ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र को सोमवार के हमलों में नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी रेडियोधर्मी रिसाव की आशंका नहीं जताई गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे के उलट कहा कि ईरान के खिलाफ संघर्ष ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
बता दें कि ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया था कि सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है और जरूरत पड़ी तो हम कई साल तक लड़ने के लिए भी तैयार हैं। खाड़ी में बढ़ते हमलों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने का एलान किया और चेताया कि इधर से गुजरनेवाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा। इससे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। युद्ध लंबा खिंचने की आशंकाओं को देखते हुए दुनियाभर में ऊर्जा संकट को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका ने कहा कि स्कूल पर हमले की कोई योजना नहीं थी
कतर समेत तमाम देशों ने तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन बंद कर दिया है। खाड़ी में तेल टैंकरों का किराया चार गुना तक बढ़कर चार लाख डॉलर तक पहुंच गया है। इजरायली हमले में मारी गईं 150 स्कूली छात्राओं की अंतिम संस्कार प्रक्रिया में मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग मीनाब शहर में सड़कों पर उमड़े।
अमेरिका ने कहा कि स्कूल पर हमले की कोई योजना नहीं थी और ये एक चूक है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने देश में रह रहे करीब नौ हजार लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। उन्हें आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलने को कहा है।
लेबनान में इजरायली हमलों से 40 की मौत
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, लेबनान में इजरायल के हमले शुरू होने के बाद हिजबुल्ला ने इजरायल के खिलाफ खुले युद्ध का एलान कर दिया। इजरायली हमले में लेबनान की राजधानी बेरूत समेत तमाम शहरों में पूरे दिन धमाके होते रहे। इजरायल ने लेबनान में जमीनी अभियान भी छेड़ दिया है।
लेबनान के 50 गांवों को खाली करने के आदेश दिए
वहीं, हिजबुल्ला ने इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। इजरायल के रामत डेविड एयर बेस पर ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि, इसमें किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाया है। लेबनान के 50 गांवों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं।
ईरान ने अमेरिकी दूतावासों को बनाया निशाना
रॉयटर के अनुसार, ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार तड़के दो ड्रोन हमले किए। इससे दूतावास परिसर में आग लग गई और इमारत को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह तेज धमाका सुनाई दिया और दूतावास परिसर से लपटें उठती दिखीं। दूतावास ने रियाद, जेद्दा और धहरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को दूतावास से दूर रहने की सलाह दी है।
वहीं, अमेरिका ने ईरानी हमले तेज होने के बाद कुवैत, बहरीन, इराक, कतर, जार्डन और यूएई समेत 12 देशों में तैनात गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवारों की तत्काल निकासी का आदेश दिया है। एपी के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसके नौसैनिक बलों ने बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस के मुख्य कमांड भवन और मुख्यालय को तीन मिसाइल और 20 ड्रोन हमलों में नष्ट कर दिया।
अमेरिकी विदेश विभाग और व्हाइट हाउस ने इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रियाद और अल खर्ज पर हमला करने आ रहे आठ ईरानी ड्रोन नष्ट किए गए। एएनआइ के अनुसार, ईरान समर्थित समूह ने इराक के इर्बिल में एक होटल पर हमला किया। बताया गया कि इसमें अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए थे।
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें तेल अवीव क्षेत्र में गिरीं
इजरायली सेना ने बताया कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें तेल अवीव क्षेत्र में गिरीं। इजरायल की एंबुलेंस सेवा ने कहा कि घटनास्थलों पर तीन लोगों का इलाज किया गया, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं।
एएनआइ के अनुसार, ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने पर इजरायली-अमेरिकी हमले की पुष्टि के बाद रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसएटम ने बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की नई इकाइयों पर निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया है।
कंपनी प्रमुख अलेक्सी लिखाचेव ने बताया कि अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के कारण यह फैसला लिया गया। यहां 639 रूसी कर्मचारी मौजूद हैं। अमेरिकी हमले में 13 ईरानी सैनिक मारे गए इजरायली-अमेरिकी हमले में दक्षिणपूर्वी ईरान में 13 सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। ये हमला किरमान में हुआ, जहां सैन्य हेलिकॉप्टरों का बेड़ा स्थित है। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरान की प्रमुख सैन्य संरचनाओं पर लगातार अभियान चलाया है।
सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांड और कंट्रोल केंद्र, वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल व ड्रोन लांच साइटों और सैन्य एयरफील्ड को निशाना बनाया गया। सेंटकाम ने कहा कि कई एफ/ए-18 स्क्वाड्रन दिन-रात अभियान में शामिल हैं और अमेरिकी बी-1 बमवर्षकों ने ईरान के भीतर गहराई तक जाकर बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए हमले किए।
ट्रंप के उलट नेतन्याहू बोले, वर्षों नहीं चलेगा युद्ध
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे के उलट कहा कि ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष सालों तक नहीं चलेगा और यह अंतहीन युद्ध नहीं बनेगा।
फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि युद्ध तेज और निर्णायक हो सकता है। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह वर्षों तक नहीं चलेगा। बता दें कि ट्रंप ने पहले युद्ध चार से पांच सप्ताह तक चलने का अनुमान जताया था, हालांकि बाद में उन्होंने दावा किया था कि हम कई साल तक युद्ध लड़ने के लिए तैयार हैं। हमारे पास हथियारों की कमी नहीं है।
ट्रंप ने कहा, ईरान ने बहुत देर कर दी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरानी नेतृत्व ने बातचीत की पहल करने में बहुत देर कर दी। उनका समूचा नेतृत्व, वायु रक्षा प्रणाली, वायुसेना और नौसेना तबाह हो चुके हैं। ट्रंप का बयान ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुल माजिद हकीम इलाही की उस टिप्पणी के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान गरिमा के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
फॉक्स न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने कांग्रेस को एक आधिकारिक चिट्ठी लिखकर सूचित किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी हितों की सुरक्षा, तेल टैंकरों के निर्बाध आवागमन और क्षेत्रीय सहयोगियों की सामूहिक आत्मरक्षा के लिए इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान छेड़ा गया है। ईरानी विदेश मंत्री बोले, अमेरिका ने बेवजह हमला किया ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर इजरायल की ओर से पसंद का युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि तथाकथित ईरानी खतरा कभी था ही नहीं। इंटरनेट मीडिया पोस्ट में अराघची ने कहा कि अमेरिकी और ईरानी खून-खराबे की जिम्मेदारी उन पर है जो इजरायल फर्स्ट की नीति चला रहे हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और नौसैनिक क्षमताओं से उत्पन्न खतरे को खत्म करना है, खासकर वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा के संदर्भ में
पश्चिम एशिया में तीन भारतीय नाविकों की मौत, समुद्री मार्गों पर अलर्ट
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच तीन भारतीय नाविकों की मौत और एक के घायल होने की पुष्टि हुई है। नौवहन महानिदेशालय ने मंगलवार को बताया कि ये चारों घटनाएं विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर हुईं।
महानिदेशालय ने फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए समुद्री परिचालकों के लिए परामर्श जारी किया है। सलाह में यात्रा-विशिष्ट जोखिम आकलन, उच्च सतर्कता, निरंतर संचार व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया है।
महानिदेशालय ने कहा कि शेष चालक दल सुरक्षित है और प्रभावित नाविकों व उनके परिवारों को हरसंभव सहायता दी जा रही है। भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ 24 घंटे निगरानी समन्वय जारी है।
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