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मिड-टर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर फिर हमला करेंगे अमेरिका-इजरायल, तेहरान ने दी फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स की धमकी

Published: Fri, 23 Oct 2026 12:07 AM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 04:54 AM (IST)

मिडिल ईस्ट में तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप लगातार ईरान को धमकी दे रहे हैं। वहीं एक रिपोर्ट ...और पढ़ें

अमेरिका-इजरायल नई स्ट्राइक की तैयारी में, ईरान ने दी ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्स’ की धमकी

अमेरिका-इजरायल नई स्ट्राइक की तैयारी में, ईरान ने दी ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्स’ की धमकी

HighLights

  1. एक और हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को संकट में डाल सकता है

  2. ईरानी वार्ताकार परमाणु मुद्दे पर रियायत देने को तैयार नहीं हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप लगातार ईरान को धमकी दे रहे हैं। वहीं एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका और इजरायल अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना बना रहे हैं।

वहीं तेहरान ने किसी भी नए हमले का जवाब ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्स’ नामक हथियार से देने की धमकी दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिकी-इजरायली अभियान छोटा लेकिन तीव्र हो सकता है, जिसमें ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, परमाणु सुविधाओं और मिसाइल-ड्रोन भंडार को निशाना बनाया जा सकता है।

दोनों देशों की सेनाओं ने अभ्यास बढ़ा दिए हैं, जिसमें इराक के ऊपर उड़ानें शामिल हैं। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस हफ्ते इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर संभावित नए हमलों पर चर्चा की।

कुछ अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि एक और हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को संकट में डाल सकता है और कूटनीतिक रियायतें देने के लिए मजबूर कर सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप इस अभियान को मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी अनिश्चित है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि वे सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी नहीं करते और ट्रंप ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं।

ईरान की धमकी: ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्स’

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका के पास ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्स’ है। हम उन्हें ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्स’ दिखाएंगे, और यह उनके लिए कुछ नया होगा।

उन्होंने हथियार की कोई डिटेल नहीं बताई। मोहेब्बी ने दावा किया कि जून 2025 के 12-दिवसीय ईरान-इजरायल युद्ध के बाद ईरान का मिसाइल भंडार डेढ़ गुना बढ़ गया है और इसकी गुणवत्ता, रेंज, विनाश क्षमता तथा सटीकता में काफी सुधार हुआ है।

ईरान अब स्थायी प्रतिरोध और असममित युद्ध पर आधारित रक्षा सिद्धांत अपना रहा है। मोहेब्बी ने कहा कि अब हमला होने पर सिर्फ जवाब नहीं देंगे, बल्कि आक्रामक कार्रवाई भी करेंगे।

‘मदर ऑफ ऑल बॉम्स’ का इस्तेमाल?

ट्रंप ने ईरान की गहरी भूमिगत परमाणु सुविधा (पिकैक्स माउंटेन) के खिलाफ अमेरिकी जीबीयू-43/बी एमओएबी (मदर ऑफ ऑल बॉम्स) के इस्तेमाल पर भी विचार किया है।

यह लगभग 9,800 किलोग्राम वजन वाला पारंपरिक बम है, जो अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु हथियारों में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बम जमीन के ऊपर फटता है, इसलिए ग्रेनाइट से सुरक्षित भूमिगत सुविधाओं को नष्ट करने में सक्षम नहीं हो सकता।

अमेरिकी सैन्य तैनाती और कूटनीति

अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों मरीन, फाइटर जेट और स्पेशल फोर्सेज की तैनाती पूरी करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव से पहले हमला न करने का वादा किया था, इसलिए समय पर इसका असर पड़ सकता है। इस महीने की शुरुआत में हमला लगभग होने वाला था, लेकिन ट्रंप ने आखिरी समय में टाल दिया।

अमेरिका सैन्य दबाव का इस्तेमाल परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर बातचीत में लीवरेज के रूप में करना चाहता है। ईरानी वार्ताकार परमाणु मुद्दे पर रियायत देने को तैयार नहीं हैं।

ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नया संघर्ष सिर्फ शिपिंग और ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेटा सेंटर और समुद्री इंटरनेट केबल्स तक फैल सकता है।