पुल से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों तक: अमेरिका ने ईरान में नागरिक ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिका और ईरान के बीच आठवें दिन सैन्य टकराव नागरिक ठिकानों तक पहुंच गया, जिसमें अमेरिका ने ईरान के पुलों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों को निशाना बना ...और पढ़ें

अमेरिका ने ईरान में एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर किया हमला (फोटो-X)
HighLights
अमेरिका ने ईरान के नागरिक ठिकानों, पुलों, हवाई अड्डों को निशाना बनाया।
ईरान ने अमेरिकी हितों, सैन्य अड्डों पर जवाबी हमले तेज किए।
चाबहार बंदरगाह प्रभावित, वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ी।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को लगातार आठवें दिन सैन्य टकराव ने नागरिक ठिकानों का रुख कर लिया। दोनों देशों ने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए एक-दूसरे के रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
ईरान का दावा है कि अमेरिकी सेना ने उसके सात पुलों, एक रेलवे स्टेशन और ईरानशहर हवाई अड्डे समेत कई नागरिक ढांचों को निशाना बनाया।
जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य अड्डों के साथ-साथ नागरिक ठिकानों पर हमले तेज करने की बात कही है।
लगातार बढ़ते संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी चिंता गहरा गई है। कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जबकि दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग होर्मुज स्ट्रेट लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गया है।
अमेरिका ने ईरान पर किया हमला, तेहरान ने दिया जवाब
रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान ने ओमान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर पर हमला किया।
वहीं, अमेरिकी सेंटकॉम ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरानी झंडा लगे एक टैंकर को कब्जे में ले लिया, जबकि दूसरे जहाज को मिसाइल से निष्क्रिय कर दिया।
दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में बंदर खमीर के सात पुलों, रेलवे स्टेशन और ईरानशहर हवाई अड्डे सहित कई ठिकानों पर हमले किए।
सेंटकॉम का कहना है कि कार्रवाई केवल सैन्य लाजिस्टिक्स, तटीय निगरानी और हवाई रक्षा ढांचे तक सीमित थी, जबकि ईरानी मीडिया ने इन हमलों में सात नागरिकों के मारे जाने का दावा किया है।
चाबहार बंदरगाह पर हमला
एपी के अनुसार, हमलों की चपेट में भारत के लिए रणनीतिक महत्व वाला चाबहार बंदरगाह भी आया। ईरान के अनुसार, वहां एक निगरानी टावर क्षतिग्रस्त हुआ है।
इस बंदरगाह के विकास में भारत ने निवेश किया है और इसका संचालन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आइपीजीएल) कर रही है। यह परियोजना भारत को पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराती है।
नागरिक प्रतिष्ठानों पर हमले के जवाब में ईरान ने कुवैत के एक बिजली संयंत्र और मीठे पानी के प्लांट पर हमला किया, जिससे वहां आग लग गई और दोनों को काफी नुकसान पहुंचा।
कुवैत सरकार ने बताया कि तकनीकी टीम नुकसान का आकलन कर रही है। इससे पहले 30 मार्च को कुवैत के पानी संयंत्र (डीसैलिनेशन प्लांट) पर हमला हुआ था, जिसके बाद पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हफ्तेभर के युद्धविराम की घोषणा की थी। कतर की राजधानी दोहा में ईरानी हमले में एक बच्चा घायल हो गया।
एएनआइ के अनुसार, ईरान ने दावा किया कि उसके जवाबी हमले कुवैत, बहरीन, ओमान, कतर, जार्डन, इराक और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंचे हैं।
ओमान और कतर में धमाकों की खबरें भी सामने आई हैं। ईरान ने पहली बार सीरिया में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले का दावा किया है। ये हमला तांफ स्थित अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज बेस पर किया गया।
हालांकि, सीरिया ने किसी नुकसान से इनकार किया है। आइआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैयद मजीद मौसवी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और दक्षिणी तट पर शांति बहाल होने तक ईरान की सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
इराक में कुर्द संगठन पर हमला, नौ की मौत
एपी के अनुसार, उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में कुर्द असंतुष्ट संगठन कोमाला के ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई।
हमला सुलेमानिया के पास जरगवेजाला इलाके में हुआ। संगठन ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि तेहरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
ईरान में बिजली संकट गहराया, लोगों से अपील
न्यूयार्क टाइम्क के अनुसार, ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों के बाद लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है।
सरकारी बिजली कंपनी तवानिर के अनुसार, हमलों में करीब 4,200 मेगावाट उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है और बिजली ढांचे के 2,000 से अधिक स्थानों को नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने बिजली क्षेत्र को अब तक एक अरब डालर से अधिक के आर्थिक नुकसान का अनुमान जताया है।