क्या है USS ट्रिपोली? जिससे ट्रंप ने 2,000 से अधिक मरीन सैनिकों को भेजा मिडिल ईस्ट
अमेरिकी नौसेना का जहाज USS ट्रिपोली 2,000 से अधिक मरीन सैनिकों के साथ पश्चिम एशिया के लिए रवाना हो गया है। ...और पढ़ें

अमेरिकी जहाज USS ट्रिपोली 2,000 मरीन सैनिकों संग पश्चिम एशिया पहुंचा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी नौसेना का एक प्रमुख जहाज USS ट्रिपोली 2,000 से अधिक मरीन सैनिकों को लेकर पश्चिम एशिया की ओर रवाना हो गया है। यह तैनाती मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच की गई है, जहां इजरायल ने हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

USS ट्रिपोली मिडिल ईस्ट रवाना
ओपन मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, जापान के ओकिनावा से रवाना हुआ यह एम्फीबियस असॉल्ट शिप मंगलवार सुबह सिंगापुर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में दक्षिण चीन सागर के किनारे नजर आया। AIS ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि जहाज 11 मार्च को ओकिनावा से निकला और लगभग 22 मील प्रति घंटे की रफ्तार से मलक्का जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहा है।

USS ट्रिपोली की क्या है खासियत
USS ट्रिपोली जापान के सासेबो में बेस्ड है साथ ही यह F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट, MV-22 ऑस्प्रे ट्रांसपोर्ट और ट्रूप लैंडिंग क्राफ्ट से लैस है।
यह 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) का हिस्सा है, जिसमें करीब 2,200 कर्मी शामिल हैं, जिनमें कमांड, ग्राउंड कॉम्बैट, एयर कॉम्बैट और लॉजिस्टिक्स एलिमेंट हैं।
यह यूनिट रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तैयार रहती है। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस क्षेत्र में पहले से ही लगभग 50,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
अमेरिका ने क्यों भेजी वॉरशिप?
यह कदम इजरायल के हिजबुल्लाह के खिलाफ हमलों के बाद उठाया गया है, जिसमें बेरूत और बेकाआ घाटी में कमांड सेंटर, रॉकेट साइट्स और हथियार भंडार को निशाना बनाया गया था। हिजबुल्लाह नेता नैम कासेम ने 'लंबे टकराव' की तैयारी की बात कही है।
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