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    क्या है 'डार्क पैसेज', जिससे 70 जहाजों ने पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य? ईरान हुआ परेशान

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 02:12 AM (IST)

    अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच, अमेरिकी सेना ने पिछले तीन हफ्तों में 70 जहाजों को 'डार्क पैसेज' के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में मदद की है। ...और पढ़ें

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    70 जहाजों ने पार किया होर्मुज (फोटो-रॉयटर्स)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर साफ दिखाई देने लगा है।

    अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में आने-जाने वाले कम से कम 70 जहाजों को सुरक्षित तरीके से जलडमरूमध्य पार कराने में मदद की है।

    न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन जहाजों ने पहचान छिपाने के लिए अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए थे। इस प्रक्रिया को 'डार्क पैसेज' कहा जा रहा है। ट्रांसपोंडर बंद होने से जहाजों की लोकेशन सार्वजनिक रूप से ट्रैक नहीं की जा सकती।

    अमेरिकी अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से यह जानकारी नहीं दी कि जहाज किस मार्ग से गुजरे, हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि कम से कम एक रास्ता ईरान के तट के करीब नहीं था।

    क्यों अपनाया जा रहा है डार्क पैसेज?

    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरानी अनुमति के बिना उसके समुद्री क्षेत्र के पास से गुजरने वाले जहाजों पर ड्रोन या मिसाइल हमले का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से कई जहाज अमेरिकी समन्वय के तहत गुप्त मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    हालांकि जहाजों के ट्रांसपोंडर बंद होने के कारण उनकी सही संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पा रही है। युद्ध शुरू होने से पहले प्रतिदिन करीब 100 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते थे, लेकिन अब संख्या काफी कम हो गई है।

    वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने दो मिलियन बैरल कच्चा तेल ले जा रहे एक ग्रीक सुपरटैंकर को भी सुरक्षित रास्ता दिखाया।

    ईरानी अनुमति और टोल से बचने की कोशिश

    रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी मार्गदर्शन उन जहाज संचालकों के लिए विकल्प बन गया है जो ईरान से अनुमति लेने या कथित टोल भुगतान से बचना चाहते हैं।

    मई की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने जहाजों की सुरक्षा के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' शुरू किया था, लेकिन कुछ घंटों बाद इसे वापस ले लिया गया। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने प्रत्यक्ष नौसैनिक एस्कॉर्ट बंद कर दिया, हालांकि जहाजों के साथ समन्वय जारी रखा गया।

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    सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, 'अमेरिकी बल सीधे एस्कॉर्ट नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम उन वाणिज्यिक जहाजों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए हैं जो सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करना चाहते हैं। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।'

    अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध

    अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, लेकिन ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार तेहरान ने सोमवार को वॉशिंगटन के साथ वार्ता स्थगित कर दी।

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान और उसके सहयोगी समूह, जिनमें यमन, लेबनान और इराक के शिया संगठन शामिल हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे अन्य मोर्चों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा, 'एक मोर्चे पर युद्धविराम का उल्लंघन सभी मोर्चों पर उल्लंघन माना जाएगा। किसी भी उल्लंघन के परिणामों के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार होंगे।'

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