Taiwan के आसपास दिखे चीनी युद्धपोत और फाइटर जेट्स, अलर्ट पर ताइवानी सेना
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने अपने हवाई और समुद्री क्षेत्र के पास चीन के विमानों और युद्धपोतों की बढ़ती गतिविधियों की जानकारी दी है। दो चीनी विमानों ने ...और पढ़ें

ताइवान के पास चीन की बढ़ती सैन्य हलचल (प्रतिकात्मक फोटो- X@MoNDefense)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने रविवार सुबह बताया कि उसने अपने हवाई और समुद्री क्षेत्र के पास चीनी सेना (PLA) के 4 विमान, 6 युद्धपोत और 9 आधिकारिक जहाजों की मौजूदगी का पता लगाया है।
जिनमें से 2 विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में घुसपैठ की। इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को भी 14 चीनी विमानों और 14 जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई थी।
शनिवार को ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमानों की 14 उड़ानें, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नौसेना के 6 जहाज और 8 आधिकारिक जहाज ताइवान के आसपास घूमते हुए देखा।
2 विमानों ने पार की रेखा
ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि रविवार सुबह 6 बजे (UTC+8) तक ताइवान के आसपास चीन (PLA) के 4 विमान, 6 युद्धपोत (PLAN) और 9 सरकारी जहाज सक्रिय पाए गए। इनमें से 4 में से 2 उड़ानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया।
ताइवानी सेना अलर्ट पर
ताइवानी सशस्त्र बलों ने स्थिति पर पूरी नजर रखी और जवाबी कदम उठाए। चीन की बढ़ती सैन्य गतिबिधियों के बीच ताइवानी सेना अलर्ट पर है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब चीन ताइवान के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियों और दबाव को लगातार बढ़ा रहा है।
ताइवान को लेकर क्या है चीन का दावा?
गौरतलब है कि ताइवान पर चीन का दावा एक बेहद जटिल मुद्दा है, जिसकी जड़ें ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी कारणों से जुड़ी हैं। बीजिंग का मानना है कि ताइवान चीन का ही एक अभिन्न हिस्सा है। चीन का यह रुख उसकी राष्ट्रीय नीति में स्पष्ट रूप से शामिल है, जिसे उसके घरेलू कानूनों और अंतर्राष्ट्रीय बयानों से भी समर्थन मिलता है।
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इसके विपरीत, ताइवान अपनी एक अलग पहचान रखता है। उसकी अपनी स्वतंत्र सरकार, सेना और मजबूत अर्थव्यवस्था है, जिसके बल पर वह एक संप्रभु देश की तरह काम करता है। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)