Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, फ्रांस में 13500 से अधिक स्कूल बंद; स्विट्जरलैंड में हीट वेव अलर्ट

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 02:00 AM (IST)

    फ्रांस में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के कारण 13,500 से ज्यादा स्कूलों को बंद करना पड़ा है या उनके समय में बदलाव किया गया है। ब्रिटेन में दक्षि ...और पढ़ें

    यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, फ्रांस में 13500 से अधिक स्कूल बंद (फोटो- रॉयटर)

    यूरोप में भीषण गर्मी का कहर, फ्रांस में 13500 से अधिक स्कूल बंद (फोटो- रॉयटर)

    HighLights

    1. ब्रिटेन में पारा 36 डिग्री के पार, तीसरे दिन भी रेड हीट अलर्ट, नीदरलैंड में भी अलर्ट 

    2. गर्मी से राहत पाने पानी में उतरे 68 लोगों की फ्रांस व जर्मनी में डूबने से मौत

    रॉयटर, पेरिस। यूरोप के कई देशों में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तापमान के नए रिकार्ड बन रहे हैं, स्कूलों के समय बदले जा रहे हैं और खुले में काम करने वालों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    फ्रांस में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के कारण 13,500 से ज्यादा स्कूलों को बंद करना पड़ा है या उनके समय में बदलाव किया गया है।

    ब्रिटेन में दक्षिणी लंदन में गुरुवार को तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इसे इस गर्मी के मौसम का सबसे गर्म दिन बताया जा रहा है। देश में लगातार तीसरे दिन रेड हीट अलर्ट जारी रहा। गर्मी के कारण करीब 1,000 स्कूल आंशिक या पूरी तरह बंद रहे।

    नीदरलैंड में भी रेड हीट अलर्ट जारी 

    नीदरलैंड में भी रेड हीट अलर्ट जारी किया गया है। यूरोपीय सरकारों ने लोगों से तेज धूप में अनावश्यक बाहर न निकलने और पेड़ों की छाया से रहित खेल मैदानों तथा खुले स्थानों से बचने की अपील की है। कई जगह फव्वारों का पानी भी गर्म होने से लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।

    रॉयटर के जलवायु मानीटर के अनुसार, ‘ओमेगा ब्लाक’ नामक मौसम पैटर्न के कारण कई इलाकों में तापमान सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभागों ने अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी है।

    खबरें और भी

    इटली में करीब 15 लाख श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इनमें निर्माण कार्य, खेती और कूरियर सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। कई क्षेत्रों में दोपहर के समय खुले में काम पर रोक लगाई गई है और कंपनियों से कामकाज सीमित रखने को कहा गया है।

    गर्मी से राहत पाने के लिए पानी में उतरने की घटनाएं भी घातक साबित हो रही हैं। जर्मनी में डूबने से 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि फ्रांस में 48 लोगों के डूबने की सूचना है।

    फ्रांस में वर्ष 2003 की भीषण गर्मी के दौरान करीब 15,000 लोगों की मौत हुई थी। यूरोप में आमतौर पर एयर कंडीशनर की जरूरत कम पड़ती है, लेकिन इस बार फ्रांस, स्पेन और इटली में एसी की मांग तेजी से बढ़ी है।

    स्विट्जरलैंड में जून का अब तक का सबसे गर्म तापमान दर्ज

    गुरुवार को स्विट्जरलैंड में जून का अब तक का सबसे गर्म तापमान दर्ज किया गया, जब उत्तरी शहर बेसल में थर्मामीटर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने 1947 से चले आ रहे राष्ट्रीय जून के रिकॉर्ड को तोड़ दिया, क्योंकि पश्चिमी यूरोप के बड़े हिस्सों में भीषण लू जारी रही।

    स्विस मौसम सेवा मेटियोसुइस के अनुसार, रिकॉर्ड तोड़ तापमान बेसल मौसम स्टेशन पर मापा गया, जहां इससे पहले जून का उच्चतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस लगभग आठ दशक पहले दर्ज किया गया था। एजेंसी ने कहा कि स्विट्जरलैंड में जून के दौरान तापमान पहली बार 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है और चेतावनी दी है कि लू सोमवार तक जारी रहने की संभावना है।