नेपाल बाढ़ में मौत का आंकड़ा 469 पहुंचा, 178 भारतीयों समेत 1400 से अधिक लोग अब भी लापता
नेपाल में इस हफ्ते की शुरुआत में आई भयानक फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।

नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 469 हुई(फोटो: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में इस हफ्ते की शुरुआत में आई भयानक फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 तक पहुंच गई है। जिसमें 178 भारतीयों समेत 1400 से अधिक लोग अब भी लापता है। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को इस भारी त्रासदी में जान गंवाने वालों के आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि की।
नेपाल पुलिस ने बताया कि भोटे कोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास पानी में बह गए या फंसे हुए सैकड़ों लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। चीन ने पुष्टि की है कि तिब्बत की ओर तीन लोगों की मौत हुई है।
288 भारतीय नागरिक भी लापता
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में 910 लोग लापता हैं या उनका कोई संपर्क नहीं है। इसमें भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) का वह आकलन भी शामिल है जिसके अनुसार गुरुवार देर शाम तक 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
नेपाल ने अभी तक मृतकों की राष्ट्रीयता के आधार पर कोई सूची जारी नहीं की है, जिसके चलते यह स्पष्ट नहीं है कि मरने वालों में कोई भारतीय शामिल है या नहीं।
सीमा पार तिब्बत में, चीनी अधिकारियों ने गुरुवार सुबह तक 558 लोगों के लापता होने की सूचना दी। बीजिंग ने भी देशों के आधार पर आंकड़े जारी नहीं किए हैं, जिससे यह साफ नहीं हो सका है कि लापता सूची में कितने भारतीय या अन्य देशों के नागरिक हैं। इसके अलावा करीब 200 भारतीय तिब्बत में फंसे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में संपर्क से बाहर 288 भारतीय नागरिकों में से 73 लोग त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
सड़कें न होने के कारण बचाव दलों को भारी परेशानी
लापता लोगों में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के वे समूह भी शामिल हैं जो तिब्बत में कैलाश पर्वत की यात्रा पर जा रहे थे या लौट रहे थे। इनमें से कई लोग तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल के हैं।
गुरुवार दोपहर 1 बजे तक, तमिलनाडु के 21 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया था और उन्हें काठमांडू लाया जा रहा था। तिब्बती क्षेत्र में फंसे 200 अन्य भारतीयों ने भी अलग से भारतीय अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड की सूची के आंकड़े थोड़े अलग हैं। इसमें 178 भारतीयों को लापता या संपर्क से बाहर बताया गया है। यह अंतर इसलिए है क्योंकि भारत द्वारा जारी 288 की संख्या में जलविद्युत कर्मचारी और वे अन्य समूह भी शामिल हैं, जो नेपाल की पर्यटन सूची के अंतर्गत नहीं आते। नेपाल की पर्यटक सूची में सबसे बड़ा समूह भारतीयों का ही है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा कि गुरुवार को 69 हवाई उड़ानों के माध्यम से 573 लोगों को बचाया गया। इसके साथ ही सेना और निजी कंपनियों के अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
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