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नेपाल बाढ़ में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 1127 पहुंचा, 4858 लोग अभी भी लापता

Updated: Wed, 02 Sep 2026 10:17 AM (IST)

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 1127 हो गई है, और 4858 लोग अभी भी लापता हैं।

नेपाल में तबाही के बाद का मंजर।

नेपाल में तबाही के बाद का मंजर।

HighLights

  1. नेपाल आपदा में मरने वालों की संख्या 1127 तक पहुंची।

  2. अभी भी 4858 लोग लापता, तलाश जारी है।

  3. सुरक्षा बलों ने 6541 लोगों को सुरक्षित बचाया।

डिजिटल डेस्क, काठमांडू। पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई भीषण और भयानक प्राकृतिक आपदा ने चारों तरफ तबाही का मंज़र खड़ा कर दिया है। नेपाल पुलिस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिल दहला देने वाली घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। आपदा के एक हफ्ते बाद भी सुरक्षा बल और बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों और लापता हुए हजारों लोगों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं।

Nature's Fury in Nepal (6)

समझिए कहां कितना हुआ नुकसान?

बता दें कि नेपाल पुलिस की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा ने कई जिलों को बुरी तरह अपनी चपेट में लिया है।

  • चितवन- सबसे ज्यादा 348 शव यहां से बरामद किए गए हैं।
  • नवलपरासी पूर्व- 217 शव।
  • नवलपरासी पश्चिम- 190 शव।
  • नुवाकोट- 155 शव।
  • गोरखा- 66 शव।
  • धादिङ- 59 शव।
  • रसुवा- 45 शव।
  • तनहुं- 38 शव।

Nature's Fury in Nepal (5)

पहचान और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

राहत और बचाव कार्य में जुटी पुलिस ने बताया कि अब तक कुल 1113 शवों का पोस्टमॉर्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिनमें से 95 शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। इसके अलावा, जिन 911 शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, उनके विवरण और तस्वीरें नेपाल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं ताकि परिवार के लोग अपने बिछड़े हुए अपनों को ढूंढ सकें।

4858 लोग अभी भी लापता

गौरतलब है कि इस भारी संकट से निपटने के लिए नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत से काम कर रही हैं। अब तक सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों से 6541 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। दूसरी ओर अभी भी 4858 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।

Nature's Fury in Nepal (3)

इतना ही नहीं प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव, राहत सामग्री बांटने और शवों के प्रबंधन के लिए कुल 7912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ऐसे में गौर करने वाली बात यह भी है कि पुलिस टीमें न सिर्फ मलबे से रास्ते साफ कर रही हैं, बल्कि हाई-रिस्क इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी कर रही हैं।

Nature's Fury in Nepal (4)

अब समझिए कैसे आई यह तबाही?

अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने या ढहने के कारण अचानक भयंकर बाढ़ आ गई थी। इस कुदरती आफत ने 26 अगस्त को उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को पल भर में मलबे के ढेर में बदल दिया।

Nature's Fury in Nepal

नेपाल के इतिहास की इस सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक ने जहां पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, वहीं राहत और बचाव कर्मियों का संघर्ष अभी भी जारी है ताकि ज्यादा से ज्यादा जिंदगियों को बचाया जा सके।

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