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पहले चिनफिंग से बात, फिर पीएम मोदी से मुलाकात; पुतिन की किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

By Jaiprakash RanjanEdited By: Sakshi Gupta
Updated: Tue, 01 Sep 2026 06:31 AM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में पुतिन से मुलाकात कर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का आग्रह किया, कहा कि यह युद्ध का काल नहीं है।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात (फोटो-एएनआइ)

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात (फोटो-एएनआइ)

HighLights

  1. पीएम मोदी ने पुतिन से यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया।

  2. पीएम मोदी ने कहा, 'यह युद्ध का काल नहीं है'।

  3. भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी और सहयोग पर भी चर्चा हुई।

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। यूक्रेन के साथ पिछले साढ़े चार वर्षों से लगातार युद्ध कर रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर शांति का पाठ पढ़ाने की कोशिश की है।

किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में सोमवार को पुतिन के साथ हुई मुलाकात में पीएम मोदी ने कहा कि अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की तरफ बढ़ना ही होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसी तरह से सितंबर, 2022 में एससीओ शिखर सम्मेलन (समरकंद) के दौरान पुतिन से कहा था, ‘यह युद्ध का काल नहीं है।’ वैश्विक नेताओं ने इसे काफी साहसिक बयान माना था। लेकिन चार वर्ष बाद भी रूस और यूक्रेन में युद्ध जारी है और दोनों देश एक दूसरे के नागरिक ठिकानों पर भी हमला कर रहे हैं।

रूस व यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने को कोई गंभीर कोशिश भी नहीं हो रही है। ऐसे में पीएम मोदी की तरफ से मानवता की भलाई के लिए दिया गया बयान काफी मत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमने यूक्रेन के मुद्दे पर लगातार चर्चा की है। पिछली मुलाकात में आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं से विस्तार से अवगत कराया था। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।'

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'युद्ध में बीता हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता को नई उम्मीद और उत्साह से भर देता है। हमें अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना चाहिए। यह मानवता की भलाई के लिए जरूरी है। सभी मुद्दों का शीघ्र शांतिपूर्ण समाधान ही मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश है। गांधी की भूमि और बुद्ध की भूमि का एक ही संदेश है, शांति का मार्ग।'

एक कार से नोमाड स्पोर्ट्स आयोजन स्थल पहुंचे

वैसे पीएम मोदी और पुतिन के बीच जब भी मुलाकात होती है तो दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत रिश्तों की गर्मजोशी दिख ही जाती है। पिछले वर्ष चीन के शहर तियानजिन में एससीओ सम्मेलन के दौरान मोदी और पुतिन एक ही कार में 40-45 मिनटों तक बातचीत करते रहे थे।

इसके बाद दिसंबर, 2025 में जब पुतिन नई दिल्ली आए थे तो मोदी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया था और अपनी गाड़ी में एक साथ अपने आवास तक आए थे। सोमवार को बिश्केक में भी द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार से नोमाड खेल आयोजन समारोह में साथ-साथ पहुंचे।

सामरिक साझेदारी पर हुई बात

प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ व्यापक चर्चा हुई। भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी के पूरे दायरे पर बात हुई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति देखकर खुशी हुई है।

ऊर्जा, नवाचार, अंतरिक्ष, उर्वरक और लोगों के बीच संपर्क भारत-रूस मैत्री के प्रमुख क्षेत्र बने हुए हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारत-रूस के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों की प्रशंसा की। उन्होंने रूस के विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या पर भी प्रसन्नता जताई।

पुतिन की चिनफिंग से वीजा मुक्त यात्रा पर बात

पुतिन ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भी मुलाकात की। प्रेट्र के अनुसार, उन्होंने दोनों देशों के बीच वीजा मुक्त यात्रा की व्यवस्था पर चर्चा की। साथ ही आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

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